नाबालिग लड़कियों को देहव्यापार में धकेलने वाली गैंग के दो सदस्यों के अलावा एक नाबालिग को पकड़ा

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The youth was kidnapped, taken to a secluded spot and beaten up
The youth was kidnapped, taken to a secluded spot and beaten up

जयपुर। सदर थाना पुलिस ने नाबालिग लड़कियों को देहव्यापार में धकेलने के लिए भोपाल बुलाने वाली गैंग का शुक्रवार को पर्दाफाश कर गैंग के सरगना सहित दो बदमाशों को गिरफतार कर उनकी साथी नाबालिग लड़की को भी निरूद्ध किया है। गैंग में शामिल नाबालिग लड़की देहव्यापार के लिए लालच देकर लड़कियों को फांसकर घर छोड़कर भागने का काम करती थी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम अमित कुमार ने बताया कि सदर थाना पुलिस ने नाबालिग लड़कियों को देहव्यापार में धकेलने के लिए भोपाल बुलाने वाली गैंग के सरगना चंचल सोनी उर्फ विनोद (34) निवासी कोतवाली विदिशा मध्यप्रदेश व बदमाश आलोक कुमार (23) निासी माधोगढ जालौन उत्तर प्रदेश को गिरफतार किया गया है। गैंग में शामिल नाबालिग लड़की को भी पकड़ा गया है। अजमेर रेलवे स्टेशन पर तैनात महिला पुलिस कांस्टेबल पिंकी जाट और हंसा कुमारी की देहव्यापार गैंग का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका रही है।

दोनों महिला कांस्टेबलके चलते तीन नाबालिग लड़कियां देहव्यापार में धकेले जाने से बच पाई है। गिरफ्तार आरोपी चंचल सोनी विदिशा मध्यप्रदेश में देहव्यापार का काम करता है। आरोपी चंचल सोनी के पास पिछले करीब 2 महीने से आलोक कुमार देहव्यापार के लिए लड़कियों की डिलीवरी व रिसीव करने का काम करता है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जिन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

सदर इलाके में रहने वाली एक नाबालिग लड़की गैंग के बदमाश आलोक के सम्पर्क में है। पिछले कुछ दिनों से आलोक का मालिक चंचल देहव्यापार के लिए लड़कियों को लाने के लिए उससे डिमांड कर रहा था। आलोक ने बातचीत के दौरान साथी नाबालिग लड़की को देहव्यापार के लिए लड़कियों की व्यवस्था करने की कहा। लड़कियों का बंदोबस्त कर भोपाल भेजने पर रुपयों का लालच भी दिया। आरोपी नाबालिग लड़की ने आस-पास ही रहने वाली तीन नाबालिग सहेलियों को अपनी बातों में उलझाया। जयपुर, अजमेर और भोपाल घूमाने के साथ ही मोबाइल व गिफ्ट का लालच देकर घर छोड़कर भागने के लिए राजी किया।

बहकावे में लेकर छुड़वाया घर

25 अगस्त को तीनों नाबालिग लड़कियां अपने-अपने परिजनों को बिना बताए घर से भाग निकली। बहकावे में घर से भगवाने वाली आरोपी नाबालिग लड़की उन्हें सिविल लाइन पार्क के पास मिली। बहकावे में लेकर दीदी कहलवाने वाली आरोपी लड़की ऑटोरिक्शा में बैठाकर तीनों नाबालिग सहेलियों को सिंधीकैम्प ले गई। सिंधीकैम्प से मैट्रो में बैठकर बड़ी चौपड़ उतरकर अजमेर जाने के लिए कैब की। कैब से अजमेर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर आरोपी दीदी ने तीनों नाबालिग सहेलियों को भोपाल जाने के टिकट के पैसे दिए।

भोपाल में रहने वाले आलोक नाम के दोस्त के मोबाइल नंबर देकर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर कॉल करने की कहा। भोपाल पहुंचने पर आलोक के घूमाने और उसकी सभी चीजों का ध्यान रखने की कहा। दो-तीन बाद खुद के भोपाल आने की बात कहकर उन्हें अजमेर रेलवे स्टेशन के अंदर जाने की कहकर चली गई।

शक नहीं हो इसलिए खुद वापस लौटी

पड़ोसी में रहने वाली तीनों नाबालिग लड़कियों के परिजनों को शक नहीं हो इसके चलते शातिर दीदी वापस जयपुर आ गई। लापता बच्चियों को परिजनों के ढूंढने के दौरान वह उनके सामने ही घूमती रही। अजमेर रेलवे स्टेशन पर तीनों नाबालिग सहेलियों को घूमते देखकर आरपीएफ की महिला पुलिस कान्स्टेबल पिंकी जाट और हंसा कुमारी ने रोक लिया। महिला पुलिसकर्मियों के पूछने पर तीनों लड़कियों ने बताया कि पड़ोस में रहने वाली दीदी ने आलोक नाम के दोस्त के पास भोपाल जाने के लिए यहां छोड़ा है। लड़कियों के पास मिले मोबाइल से महिला पुलिसकर्मियों न दीदी कहने वाली लड़की से बातचीत की।

बात करने पर उसने महिला पुलिसकर्मियों से कहा- तीनों लड़कियों को टिकट दिलाकर भोपाल वाली ट्रेन में बैठा दें। महिला पुलिसकर्मियों ने मना कर कहा- इन्हें अकेले भोपाल नहीं भेजेगी। वह खुद आकर अपने साथ उन्हें भोपाल ले जा सकती है। पुलिस के नाबालिग तीनों लड़कियों के पकड़े जाने पर भी गैंग के बदमाशों में डर नहीं था। भोपाल से आलोक ने लड़कियों के पास मौजूद मोबाइल पर कॉल किया। महिला पुलिसकर्मियों से कॉल कर तीनों लड़कियों को ट्रेन में बैठाकर भोपाल भेजने की कहा। शक होने पर परिजनों से बातचीत का दबाव बनाने पर घर छोड़कर आने का पता चला।

पुलिस टीम ने गैंग के बदमाशों को पकड़ा

तीनों नाबालिग लड़कियों के परिजनों को अजमेर बुलाकर सौंप दिया गया। घर से भगाने वाली दीदी को पुलिस ने पकड़कर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी लड़की ने तीनों नाबालिग सहेलियों को देहव्यापार के लिए भोपाल में एजेंट आलोक के पास भेजना बताया। भोपाल में देहव्यापार के एजेंट आलोक का पता चलने पर पुलिस टीम बनाकर भेजी गई। 2 सितम्बर को भोपाल के विदिशा में दबिश देकर आरोपी आलोक को पकड़कर जयपुर लाया गया।

गैंग के सदस्य आलोक के पकड़े जाने का पता चलने पर सरगना चंचल जमानत के लिए 6 सितम्बर को जयपुर पहुंच गया। देहव्यापार करवाने वाले सरगना चंचल के जयपुर आने का पता चलने पर रेलवे स्टेशन पर उतरते ही उसे पुलिस टीम ने पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी चंचल ने बताया कि वह फ्लैट में दो-तीन लड़कियों को रखकर देहव्यापार करता है। देहव्यापार से आने वाली आधी रकम लड़कियों को देता है और आधी खुद रख रखता है।

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