नये साल के पहले सप्ताह से राजकॉप सिटीजन एप व नीड हेल्प फीचर के ज़िलेवार डेमो की होगी शुरुआत

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District-wise demo of Rajcop Citizen App and Need Help feature will start from the first week of the new year
District-wise demo of Rajcop Citizen App and Need Help feature will start from the first week of the new year

जयपुर। राजस्थान पुलिस की एससीआरबी विंग की ओर से महिला व बच्चियों की सुरक्षा के लिए संचालित की जा रही बहुउपयोगी एप “राज कॉप सिटीजन ऐप के ज़िलेवार डेमो की शुरुआत अगले महीने के पहले सप्ताह से होगी। पुलिस मुख्यालय की कम्युनिटी पुलिसिंग विंग ने जिलों में डेमो देने की पहल की जा रही है। इस ऐप में वूमन सेफ़्टी के तहत नीड हेल्प नाम का फ़ीचर जोड़ा गया है। इसके ज़रिए महिलाएं या बच्चे मुसीबत में होने पर पुलिस से मदद मांग सकते हैं।

अभी हॉल ही में मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार भजन लाल शर्मा ने एप के मदद चाहिए (नीड हेल्प) फीचर का उद्घाटन किया गया। इस दौरान एससीआरबी विंग के आईजी शरत कविराज ने डेमो प्रस्तुत किया। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की इस विशेष कड़ी में कम्युनिटी पुलिसिंग शाखा के एडीजी बीएल मीना व नोडल अधिकारी पंकज चौधरी ने ज़िलेवार डेमो की पहल की है। जिसकी शुरुआत अगले महीने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट से की जा रही है।

नये साल के जनवरी महीने में पुलिस कमिश्नरेट के चारों ज़िलों के एक-एक चयनित थाने पर प्रति सप्ताह कम्युनिटी पुलिसिंग के सैकड़ों सदस्य थाना क्षेत्र की महिलाओं,बच्चियों तथा थाने के पुलिस स्टाफ की उपस्थिति में “राज कॉप सिटीजन ऐप” की खूबियों व नीड हेल्प का डेमो देंगे। मदद चाहिये (नीड हेल्प) का डेमों मीटिंग में उपस्थित किसी महिला या बच्ची की ओर से कराया जाएगा। जिससे इस सुविधा का लाभ सभी ज़रूरतमंद को मिल सके।

इस सत्र के दौरान आईजी साइबर क्राइम एवं एससीआरबी शरत कविराज, कम्यूनिटी पुलिसिंग के प्रभारी पंकज चौधरी और संबंधित ज़िले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) व थानाधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसके बाद राजस्थान के अन्य ज़िलों में भी नियमित रूप से कई सत्र आयोजित किये जायेंगे।

राज्य के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय, कॉलेज तथा स्कूल में भी सत्र आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।महिला व बच्चियों के लिए नीड हेल्प वरदान साबित होगी। नीड हेल्प पर मदद का अलर्ट मिलने पर कम रिस्पांस टाइम के साथ विपदा या मुश्किल में पुलिस की गाड़ी 112 या अन्य आवंटित गाड़ी सहायता पहुंचाएगी।

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