गोविंद-गणपति दर्शन से साल के पहले दिन का श्रीगणेश

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The first day of the year begins with Govind-Ganpati Darshan
The first day of the year begins with Govind-Ganpati Darshan

जयपुर। अंग्रेजी नववर्ष-2025 हंसी-खुशी के साथ बीते इस कामना के साथ भगवान का आशीर्वाद लेने लोग पहलेमंदिरों में दर्शन करने पहुंचे। मौसम ने भी पूरा साथ दिया। सूर्योदय के साथ धूप निकलने से लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। परिवार और दोस्तों के साथ समूह में आए लोगों ने पहले भगवान के दर्शन किए फिर पर्यटन स्थल घूमे। मोबाइल से फोटो लेकर सोशल मीडिया पर शेयर की। ज्यादातर लोगों का खाना-पीना भी बाहर ही हुआ।

आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में श्रद्धालु उमड़ पड़े। तेज सर्दी के कारण मंगला और धूप झांकी में अपेक्षाकृत कम ही श्रद्धालु पहुंचे। लेकिन श्रृंगार झांकी में मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से अट गया। राजभोग झांकी के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने तो परकोटा जाम कर दिया। चांदपोल, सांगानेरी गेट, अजमेरी गेट से गोविंद देवजी मंदिर पहुंचने में एक घंटा लग गया। गाडिय़ों के बजाय पैदल चलने वाले जल्दी मंदिर पहुंच गए।

यातायात जाम होने से टे्रफिक पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। गोविंद देव जी मंदिर में एक जनवरी को करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। दर्शन के लिए प्रवेश और निकास की अलग-अलग व्यवस्था की गई। सुगम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवक लगाए गए। चप्पल-जूते खोलने के लिए अधिक संख्या में शू केस लगाए गए। दर्शनार्थिर्यों का रैला थमने का नाम ही नहीं ले रहा था।

मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि दर्शनार्थियों की संख्या कई गुणा बढऩे के कारण समय बढ़ाया गया। राजभोग झांकी के पट बंद होने का समय 11:45 था जिसे 15-15 मिनट बढ़ाते हुए एक बजे पट मंगल किए। शाम को संध्या झांकी में भी ठाकुर जी ने चालीस मिनट अतिरिक्त दर्शन दिए। वहीं रात्रिकालीन शयन झांकी भी 20 मिनिट ज्यादा देर खुली रही। गोविंद देवजी मंदिर में मंगला झांकी के बाद ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर नवीन पीली पोशाक धारण कराई गई। फूलों और आभूषण से अत्यंत मनोहारी श्रृंगार किया गया। नव वर्ष के पहले दिन गोविंद देवजी मंदिर में सामूहिक सुंदरकांड पाठ भी हुए।


गढ़ गणेश-मोतीडूंगरी मंदिर में लगी कतारे:

नव वर्ष का शुभारंभ बुधवार होने से गणेश मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ रही। मोतीडूंगरी गणेश जी मंदिर में भक्तों के लिए दर्शनों की विशेष व्यवस्था की गई। मुख्य सडक़ पर पांच प्रवेश लाइन बनाई गई। इस मौके पर गणेश जी को नवीन पोशाक धारण कराकर छप्पन भोग अर्पित किए गए। मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि नववर्ष और बुधवार का संयोग के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रथम पूज्य को स्वर्ण मुकुट धारण कराकर सिंहासन पर विराजमान किया गया।

गढ़ गणेश मंदिर में भी भारी संख्या में भक्त प्रथम पूज्य के दर्शन करने पहुंचे। मंदिर महंत प्रदीप औदीच्य के सान्निध्य में गणेश जी महाराज का विशेष पूजन किया गया।

रंगीन रोशनी से नहाया खोले का हनुमान मंदिर:

श्री खोले के हनुमान मंदिर में अंग्रेजी नववर्ष पर हनुमान जी का सुबह गंगाजल और पंचामृत से स्नान करा कर सिंदूरी चौला धारण कराया गया। नवीन पोशाक धारण कराकर फूलों से श्रृंगार किया गया।

श्री नरवर आश्रम सेवा समिति प्रन्यास के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि नववर्ष के प्रथम दिन सुबह पांच से देर रात तक नि:शुल्क लड्डू प्रसाद वितरित किया गया। वर्ष 2025 के स्वागत के लिए मंदिर परिसर को रंगीन रोशनी से सजाया गया। नए साल के प्रथम दिन भीड़ को देखते हुए दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई।

यहां भी उमड़े श्रद्धालु:

जगतपुरा स्थित कृष्ण बलराम मंदिर, इस्कॉन टैंपल, स्वामिनारायण मंदिर, काले हनुमान जी, गलताजी, घाट के बालाजी, चांदपोल हनुमान जी, पापड़ के हनुमान, ताडक़ेश्वर जी, राधा दामोदर जी, गोपीनाथ जी, श्री सरस निकुुंज, गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी, काले हनुमान जी सहित अन्य मंदिरों में बुधवार को साल के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।

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