Makar Sankranti Special: जयपुर शहर के बाजारों की दुकानों में सजी रंग-बिरंगी पतंगे

0
238
Makar Sankranti Special
Makar Sankranti Special

जयपुर। मकर संक्रांति का एक दिन शेष बचा है, राजधानी जयपुर की दुकानें पतंग और साज सजावट के सामानों से सज चुकी है। परकोटे में चारों तरफ दुकानों में रंग बिरंगी पतंगे और सजावट के समान दिखाई देने लगे हैं।

दुकानों में बरेली के मांझे की स्पेशल डिमांड

बाजार की दुकानों में बरेली के बने मांझे की ग्राहक स्पेशल डिमांड कर रहे हैं। मांझे में लाल और काला रंग लोगों द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है। मांझे की स्पेशल डिमांड को देखते हुए दुकानदारों ने भी इस मांझे के दाम अचानक बढ़ा दिए हैं। जहां पहले बरेली के मांझे का चरखा ढाई सौ रुपए में मिल जाता था लेकिन इस बार के मकर संक्रांति के सीजन पर मांझे का चरखा पांच-सात सौ रुपये के आसपास मिल रहा हैं।

नेताओं की पतंगे बाजार में बनीं हुई है आकर्षण का केंद्र

बाजार में तरह-तरह के नेताओं की पतंगे भी लोगों को बहुत पसंद आ रही है। बाजार में राजनेताओं की चेहरे पर बनीं पतंगे लोगों को सर्वाधिक पसंद आ रही है। तीन पीढ़ियों से पतंग बेचने का कर रहे हैं काम, नए जमाने की पतंगे लोगों को आ रही पसंद पतंग विक्रेता इमरान खान बताते हैं कि इस बार मकर संक्रांति की सीजन पर लोगों को 2025 के नाम से बनी पतंगे और नए जमाने के आकार की बनी पतंग लोगों को अत्यंत पसंद आ रही है। ग्राहक बरेली के मांझे की डिमांड कर रहे हैं। उसमें काला और लाल रंग लोगों द्वारा ज्यादा खरीदा जा रहा हैं।

सर्दी की वजह से मार्केट चल रहा है स्लो

पतंग विक्रेता गणेश सैनी बताते हैं कि इस बार सर्दी ज्यादा पड़ने से लोग पतंग खरीदने कम आ रहे हैं। इस वजह से अभी का मार्केट थोड़ा धीमा चल रहा है। लेकिन मकर संक्रांति आने तक पतंग खरीदारी में बढ़त होने की आशा है। जैसे-जैसे मकर संक्रांति करीब आ रही है वैसे-वैसे पतंग ग्राहकों की संख्या भी बढ़ती जा रही हैं ।

बरेली के मांझे और पतंगों की ग्राहक कर रहे हैं स्पेशल डिमांड

पतंग विक्रेता अशोक ने बताया कि इस वर्ष लोग बरेली के मंजू और पतंग की स्पेशल डिमांड कर रहे हैं। प्रत्येक तीसरा ग्राहक बरेली का मांझा और पतंग खरीद कर ले जा रहा हैं। बरेली की बनी पतंग और मांझा लोगों को पसंद आ रहा हैं। इस स्पेशल डिमांड को देखते हुए हमने बरेली की पतंगे और मांझे के लिए स्पेशल ऑर्डर हमने दे दिए हैं।

बाजार में भीड़,कळपनों की वस्तुओं की खरीदारी

मकर संक्रांति पर दान-पुण्य का विशेष महत्व रहता है। लोग गायों को हरा चारा खिलाएंगे। वहीं तिल के बने व्यंजनों का दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन गलता स्नान के लिए भी अलसुबह से ही लोग गलता तीर्थ में उमड़ेंगे। महिलाएं 14-14 वस्तुएं दान स्वरूप कळपेंगी। सास-ससुर सहित बड़ों को कपड़े पहनाएं जाएंगे।

लोग कच्ची बस्तियों और फुटपाथ पर रहने वाले लोगों को कपड़े और मिठाई का दान करेंगे। इसे लेकर बाजार में कळपने की वस्तुओं की खरीदारी जोरों पर हो रही है। बाजार में फीणी की दुकानों पर फीणी व तिल के लड्डुओं की बिक्री हो रही है। इस बार बाजार में फीणी चार सौ रुपए से लेकर एक हजार रुपए किलो तक बिक रही है।

मंदिरों सजेगी झांकी,लगेगा तिल के व्यंजनों का भोग

मकर संक्रांति पर मंदिरों में विशेष झांकी सजाई जाएगी। ठाकुर जी के समक्ष पतंगें अर्पित की जाएगी। शहर के आराध्य गोविंददेवजी चांदी की पतंग उड़ाएंगे। इस दिन ठाकुर जी को तिल के व्यंजनों के साथ फीणी का भोग लगाया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here