15 मार्च से खरमास, मांगलिक आयोजनों पर रोक

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Kharmas from March 15, auspicious events banned
Kharmas from March 15, auspicious events banned

जयपुर। होली के अगले दिन धुलंडी से खरमास लग जाएगा जो 14 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान विवाह, यज्ञोपवीत, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे, लेकिन खरीदारी पर कोई रोक नहीं है। इस अवधि में 20 से अधिक शुभ योग हैं, जिनमें वाहन, सोना-चांदी, मकान, इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीदी मंगलकारी रहेगी। ज्योतिषाचार्य डॉ. महेन्द्र मिश्रा ने बताया कि खरमास के दौरान त्योहारों की अधिकता रहती है। ऐसे में राशन, फल, सब्जी, दवा खरीद सकते हैं, तो अन्य वस्तुएं क्यों नहीं।

सोना-चांदी या अन्य कीमती वस्तुएं खरीदने के बाद भगवान विष्णु के समक्ष रखकर हल्दी और अक्षत चढ़ा दे, किसी भी प्रकार का दोष नहीं रहेगा। खरमास खत्म होते ही विवाह मुहूर्त शुरू होंगे, तब अचानक आवश्यक सामग्री खरीदना मुश्किल होगा। इसलिए शादी-विवाह से जुड़ी चीजों की खरीदारी पहले से की जा सकती है। होली के अगले दिन यानि 14 मार्च से खरमास शुरू हो जाएगा। इसे मलमास भी कहा जाता है।

इस बार होलाष्टक और खरमास का संयोग बन रहा है। इसके चलते करीब सवा महीने तक मांगलिक या शुभ कार्य नहीं हो सकेंगे। हालांकि इस दौरान आने वाले पर्व एवं त्योहार परंपरागत ढंग से मनाए जाएंगे। उन पर इस संयोग का कोई असर नहीं होगा। जब सूर्य धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं तब खरमास शुरू होता है। 14 मार्च को शाम 6:50 बजे से खरमास शुरू होगा और 14 अप्रैल को रात 10:36 बजे समाप्त हो जाएगा। पुराने रीति-रिवाजों के अनुसार खरमास के दौरान एक महीने तक मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।

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