प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण:गरीबी मुक्त गांव की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयास लाए रंग

0
367
Chief Minister Bhajanlal Sharma issued instructions
Chief Minister Bhajanlal Sharma issued instructions

जयपुर। राज्य सरकार की गरीबी मुक्त गांव बनाने की मुहिम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अथक प्रयासों से बड़ी सफलता मिली है। 6 साल से भी अधिक समय से अपने पक्के घर का इंतजार कर रहे परिवारों का सपना अब साकार होने जा रहा है। वर्ष 2018 के आवास प्लस सर्वे में शामिल प्रदेश के 2 लाख 73 हजार 752 परिवारों को शीघ्र ही पक्के आवासों की सौगात मिलेगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार बनने के बाद से ही केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय से समन्वय बनाकर लगातार प्रदेश के गांवों को गरीबी मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने दिल्ली जाकर केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) सहित अन्य योजनाओं का अधिकाधिक लाभ प्रदेश को दिलवाने के संबंध में सार्थक चर्चा की थी।

इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के अंतर्गत राजस्थान को 2 लाख 73 हजार 752 घरों का लक्ष्य आवंटित कर दिया है। इस तरह राज्य सरकार के प्रयासों से वर्ष 2018 के आवास प्लस सर्वेक्षण की सूची में अब कोई भी प्रतीक्षारत परिवार शेष नहीं रहेगा। इससे पहले राजस्थान में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत लगभग 22 लाख 23 हजार आवास बनाने के लक्ष्य का आवंटन किया गया था, जिनमें से करीब 20 लाख आवासों का काम लगभग पूरा हो चुका है।

शीघ्र जारी होगी आवास की पहली किश्त

प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग ने भी जिला कलक्टर्स को पत्र लिखकर सभी पात्र परिवारों को स्वीकृति मय प्रथम किश्त जारी करने के निर्देश दे दिए हैं। उल्लेखनीय है कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास’ के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) क्रियान्वित की जा रही है। इस योजना का लक्ष्य बुनियादी सुविधायुक्त पक्के घरों के निर्माण के लिए बेघर और जीर्ण-क्षीर्ण मकानों में रहने वाले पात्र ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

योजना के अंतर्गत प्रदेश में मकानों के निर्माण के लिए पात्र परिवारों को 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। लाभार्थियों के खातों में राशि का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण किया जाता है। इसके अतिरिक्त स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के अंतर्गत आवास में शौचालय के लिए 12 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। साथ ही, मनरेगा में 90 श्रम दिवस का पारिश्रमिक भी देय है।

मुख्यमंत्री का सपना ‘गरीबी मुक्त राजस्थान’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में गरीबी मुक्त गांव बनाने पर जोर दिया जा रहा है, इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में नवाचार किया जा रहा है। प्रदेश में गरीबी मुक्त गांव बनाने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है और पहले चरण में पांच हजार गांवों का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत चिन्हित गांवों के सभी बीपीएल परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि इन गांवों के बीपीएल परिवारों को सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर बनाया जाए। इसके लिए इन गांवों में विभिन्न विकास योजनाएं, स्वरोजगार के अवसर, कौशल विकास कार्यक्रम और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएंगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here