‘शुभ फूड एंड ट्रैवल टूरिज्म अवॉर्ड्स’ में देशभर के ब्रांड हुए सम्मानित

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Brands from across the country were honored at the 'Shubh Food and Travel Tourism Awards'
Brands from across the country were honored at the 'Shubh Food and Travel Tourism Awards'

जयपुर। राजधानी जयपुर के होटल द पैलेस में बुधवार को आयोजित ‘शुभ फूड एंड ट्रैवल टूरिज्म एक्सपो समिट एंड अवॉर्ड्स – सीजन 8’ में देशभर से आए फूड और ट्रैवल इंडस्ट्री के दिग्गजों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य भारत में फूड और ट्रैवल टूरिज्म की संभावनाओं को प्रोत्साहित करना और इन सेक्टर्स के योगदान को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाना रहा। समारोह का आयोजन राजस्थान प्राइड द्वारा अतुल्य भारत (मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया) के सहयोग से किया गया।

आयोजक राजन कायस्थ और आरती निर्वाण ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे आर.के. भाटी, डायरेक्टर, इंडिया टूरिज्म, जयपुर और गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित रहे डॉ. शोभा तोमर, कुलपति, निम्स यूनिवर्सिटी दीपक अग्रवाल, एमडी, बिकाजी फूड्स अजय कोटहवाला, डायरेक्टर, द पैलेस होटल पवन गोयल, सीईओ, सफारी ग्रुप ऑफ होटल्स कुलदीप सिंह चंदेला, प्रेसिडेंट, एफएचटीआर मोहन सिंह मेड़तिया, एमडी, मीरा मनोर, उदयपुर हुसैन खान, प्रेसिडेंट, होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान महेंद्र सिंह राठौड़, आरएटीओ खालिद खान, वाइस प्रेसिडेंट, एफएचटीआर अतुल कौशिक, ओनर, अथर्व कैटरिंग मेपल इवेंट्स से अजीत सोनी।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित पैनल चर्चा में फूड और ट्रैवल सेक्टर के माध्यम से टूरिज्म को बढ़ावा देने की नीतियों पर ट्रैवल एंड टूरिज्म के एक्सपर्ट ने विचार साझा किए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि अब पर्यटक सिर्फ स्थलों की सुंदरता नहीं, बल्कि वहाँ के स्थानीय स्वाद, पारंपरिक व्यंजन और संस्कृति खान पान अनुभव के लिए भी यात्रा करते हैं।

ऐसे में भारत में मौजूद विविध फूड कल्चर एक बड़ा आकर्षण बनकर उभर रहा है। वहीं, ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि फूड ट्रेल्स, रीजनल कुकिंग टूर, और कल्चरल डाइनिंग अनुभवों को ट्रैवल पैकेज में शामिल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की विशिष्ट पहचान बनाई जा सकती है।

आयोजक राजन कायस्थ और आरती निर्वाण ने कहा कि यह कार्यक्रम भारत को ग्लोबल फूड और ट्रैवल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है और आने वाले वर्षों में भारत की विविधता और परंपराएं वैश्विक यात्रियों को और अधिक आकर्षित करेंगी।

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