फोर्टी वुमन विंग मनाएगा पर्यावरण फ्रेंडली गणेश चतुर्थी

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जयपुर। फोर्टी वुमन विंग ने विशेष मुहिम की शुरुआत की है। फोर्टी कार्यालय पर वुमन विंग की सदस्‍यों ने तय किया है कि इस बार फोर्टी के सभी सदस्य गणेश चतुर्थी पर पर्यावरण के अनुकूल पंचगव्य से बनी गणेश जी की प्रतिमा ही अपने घरों में स्थापित करेंगे । इसके लिए रेनवाल की श्री गोपाल गौशाला से पंचगव्य से बनाई गई है गणेश प्रतिमा मंगवाई गई हैं।

पंचगव्य में गोबर, गाय का घी,गाय का दही, गौमुत्र , रज ( गाय के पैरों की मिट्टी) से मिलाकर गणेश जी की मुर्तियां तैयार की है। मूर्तियों पर कलर के लिए हल्दी, कुमकुम,सिंदूर कत्था ,पीली मिट्टी, लाल मिट्टी (घुलनशील पदार्थ ) का उपयोग किया गया है।फोर्टी कार्यालय में अभियान के शुभारंभ के अवसर पर गौशाला से आने वाले गणेश जी का विधि विधान से स्वागत किया गया। इसके बाद वुमन विंग की सदस्‍यों ने पूजा कर घरों के लिए गणेशजी को रवाना किया।

इस मौके पर फोर्टी वुमन विंग की प्रेसिडेंट नीलम मित्तल, वाइस प्रेसिडेंट रीना अग्रवाल, सेक्रेटरी सोनल अग्रवाल,मेंबर अनु जैन, राशि अग्रवाल, एकता जैन, वर्तिका जैन, रीत चौधरी, शिल्‍पा मोदी, दिव्‍या बालासरिया, रजनी मेहता, सोनाली खंडेलवाल, राधिका खंडेलवाल, शिवाली गुप्‍ता मौजूद रहे। नीलम मित्तल ने बताया कि सामाजिक सरोकार में भागीदारी निभाते हुए फोर्टी वुमन विंग ने गौशाला से गोबर और मिट्टी के गणेशजी की प्रतिमा उपलब्‍ध कराई है। ये गणेश जी को घर के लॉन, गार्डन और गमलों में विसर्जन किया जा सकता है।

हमारा प्रयास है कि लोग गणेश चतुर्थी पर प्लास्टिक ऑफ पेरिस और केमिकल से बनी गणेश जी की प्रतिमाओं को जलाशयों में विसर्जन नहीं करें। प्लास्टिक ऑफ पेरिस जैसे पदार्थ पानी और मिट्टी में जल्दी घुलते नहीं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे जलाशयों का पानी भी दूषित हो जाता है। हमारा प्रयास है कि फोर्टी के सदस्यों के साथ सभी शहरवासी गणेश चतुर्थी पर एनवायरमेंट फ्रेंडली मिट्टी के गणेशजी की स्थापना करें और 6 सितंबर को अनंत चतुर्थी पर अपने लॉन और गमलों में ही इन प्रतिमाओं का विसर्जन करें।

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