जयपुर। गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को मनाई जाएगी। इसके चलते मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। वहीं सोमवार को मंदिर में एक विशेष झांकी सजाई गई। मंदिर में महंत कैलाश शर्मा की ओर से दो रत्न जड़ित स्वर्ण मुकुट विधि विधान से पूजा करके भगवान गणेश के दोनों ओर प्रदर्शित किया गया है।
मंगलवार से भगवान गणेश को ये मुकुट धारण कराए जाएंगे। इससे पहले भगवान गणेश जी महाराज का विशेष श्रृंगार होगा। भगवान को विशेष पोशाक धारण करवाई जाएगी। चांदी के सिंहासन पर विराजमान होंगे। श्रृंगार के दौरान गणेश जी को नौलखा हार जिसमें मोती, सोना, पन्ना, माणक आदि के भाव स्वरूप दर्शाए गए हैं, धारण कराया जाएगा। यह नौलखा हार महंत परिवार ने तीन महीने में तैयार किया है।
महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि यह मुकुट 40 साल पुराने हैं। मंदिर की परंपराओं के बारे में महंत ने स्पष्ट किया कि मंदिर में नई प्रथाएं शुरू करना धर्म के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि भगवान की सेवा, पूजा और मंत्र उच्चारण की विधि सदैव एक समान रहती है। इनमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकता।
वहीं,गणेश जन्मोत्सव में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में मंदिर प्रशासन की ओर से बेरिकेडिंग की जा रही है ताकि श्रद्धालु कतारबद्ध तरीके से भगवान गणेश के दर्शन कर सके।