वन कर्मियों की मारपीट से आहत होकर युवक ने की आत्महत्या, पूर्व विधायक समेत दस लोगों को लिया हिरासत में

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जयपुर। जयपुर ग्रामीण जिले रायसर थाना इलाके में वन कर्मियों की मारपीट से आहत होकर एक युवक ने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को उतारकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है और देखते ही देखते मामला एक बवाल में बदल गया। इस घटना के बाद शुक्रवार को गुस्साए ग्रामीणों ने रायसर थाने का घेराव कर दिया और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

लोग थाने के अंदर घुसने लगे तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को खदेड़ा। इस बीच पूर्व विधायक गोपाल मीणा समेत करीब 10 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि युवक की आत्महत्या के पीछे वन कर्मियों की मारपीट जिम्मेदार है और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ग्रामीण धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राशि डोगरा ने बताया कि मृतक जमवारामगढ़ निवासी विक्रम मीणा है और जो थाना इलाके में स्थित कुशालपुरा गांव में पहाड़ी के पास बकरियां चरा रहा था। मृतक के छोटे भाई विनोद मीणा का आरोप है कि वनकर्मियों ने बकरियों के वन क्षेत्र में जाने की बात कहकर युवक को पकड़ा और उसके साथ मारपीट करके चालान वसूला। परिजनों ने आरोप लगाया कि इस मामले की शिकायत लेकर विक्रम रायसर थाने पहुंचा, तो पुलिस ने अनसुनी कर दी।

थाने से निकलने के बाद विक्रम ने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल किया और वनकर्मियों की मारपीट से आहत होकर आत्महत्या करने की बात कही। इस सूचना पर पुलिस ने उसी नंबर पर विक्रम को कॉल किया तो विक्रम ने कॉल रिसीव नहीं किया।

इसके बाद पुलिस ने लोकेशन ट्रेस करके पता लगाने का प्रयास किया। लोकेशन के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची तो विक्रम मीणा आत्महत्या कर चुका था। पुलिस ने तुरंत शव को उतार कर अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।

जयपुर ग्रामीण एसपी राशि डोगरा का कहना है कि क्षेत्र में अब शांति व्यवस्था बनी हुई है। इस पूरे मामले को लेकर मृतक के परिजनों से बातचीत की जा रही है। समझाइश करके मामले को शांत करवाने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर जांच की जाएगी।

तनावपूर्ण हालात, भारी पुलिस बल तैनात

स्थिति को काबू में करने के लिए आधा दर्जन से अधिक थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। रेंज कार्यालय और आसपास के इलाकों में भारी जाब्ता तैनात कर दिया गया है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

विधायक पहुंचे धरना स्थल पर

वहीं वन विभाग के गेट पर चल रहे धरने में जमवारामगढ़ विधायक महेंद्र पाल मीणा पहुंचे। ग्रामीणों का पक्ष जानने के बाद विधायक रायसर थाने पर पुलिस अधिकारियों से बात करने के लिए चले गए। इसके थोड़ी देर बाद ग्रामीण भी वन विभाग के कार्यालय के गेट से उठकर रायसर थाने पर जा पहुंचे

थाने पर हंगामा व लाठीचार्ज

वहीं ग्रामीणों की भीड़ उग्र होकर रायसर थाने पर पहुंची। ग्रामीणों ने रायसर थाने का घेराव कर लिया। पूर्व विधायक गोपाल मीणा, कांग्रेस नेता भगवान मुक्कड़, मानसी मीणा, विजय मीणा समेत कई जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों के धरने में पहुंचे। ग्रामीणों की भीड़ थाने के अंदर घुसकर हंगामा शुरू कर दिया। माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस पर पुलिस ने अतिरिक्त जाब्ता बुलवा कर ग्रामीणों को काबू करने का प्रयास किया।

हालत ज्यादा बिगड़ने पर हल्का बल प्रयोग करके ग्रामीणों को थाने से बाहर खदेड़ने का प्रयास किया गया। पुलिस ने इस मामले में जमवारामगढ़ के पूर्व विधायक और जयपुर जिला देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोपाल मीणा समेत करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया हैं। ग्रामीणों का कहना था कि विक्रम मीणा परिवार में अकेला ही कमाने वाला था।

पुलिस अधिकारियों की समझाइश पर ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। परिजनों की मांग के अनुसार मृत युवक के परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी और 18 लाख रुपए मुआवजा। फोरेस्टर श्याम लाल मीना, वन रक्षक पवन कुमार जाखड़ और मुकेश कुमार यादव के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर सस्पेंड करने का आश्वासन दिया गया।

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