जयपुर। करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को विवाहित महिलाओं द्वारा किए जाने वाला सबसे बड़ा व्रत माना गया हैं । इस बार करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर शुक्रवार को रखा जाएगा। करवा चौथ के दिन सिद्धि योग और कुमार योग का संयोग रहेगा । आचार्य गौरी शंकर शर्मा बोरखेड़ा ने बताया कि करवा चौथ का व्रत पतियों के प्रति प्रेम और समर्पण के प्रतीक के रूप में किया जाता हैं।
करवा चौथ का व्रत विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए रखती हैं। इस दिन को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता हैं। इस व्रत में अन्न-जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता हैं। ये व्रत सूर्योदय से रात्रि में चन्द्रमा के दर्शन तक किया जाता हैं। चतुर्थी तिथि 10 अक्टूबर को शाम 07:40 बजे तक रहेगी। पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 12:11 से 01:39 तक, शाम 04:35 से 06:02 बजे तक हैं। चाँद निकलने का समय रात्रि में 08:30 बजे हैं।




















