धारव उत्सव ने ग्रैंड सूफी नाइट के साथ राजस्थान की संस्कृति का मनाया जश्न

0
253
Dharav Utsav celebrates Rajasthani culture with a Grand Sufi Night
Dharav Utsav celebrates Rajasthani culture with a Grand Sufi Night

जयपुर। धारव हाई स्कूल अजमेर रोड ने बड़े उत्साह के साथ धारव उत्सव 2025 का आयोजन किया। जयपुर का यह सबसे बड़ा सांस्कृतिक उत्सव राजस्थान की कला—परंपरा और विरासत का शानदार प्रदर्शन है। स्कूल के विशाल कैंपस में हुए इस दो दिवसीय महोत्सव में चेयरपर्सन देवयानी जैपुरिया के नेतृत्व में कला, संस्कृति, नवाचार और समुदाय की भावना एक ही मंच पर देखने को मिली। इस दौरान भारतीय वायुसेना और सेना के अधिकारियों का सम्मान करने के लिए विशेष बैठने की व्यवस्था भी की गई थी। सशस्त्र बलों के लिए जगह आरक्षित थी। सेना, वायुसेना और सीआईएसएफ (हवाई अड्डा सुरक्षा) के लगभग 1900 सशस्त्र बल अपने परिवार और बच्चों के साथ मौजूद थे।

उत्सव की शुरुआत एक प्रेरक उद्घाटन समारोह से हुई। जिसमें श्रीजी लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की उपस्थिति ने माहौल को और भी ऊर्जावान बना दिया। छात्रों और शिक्षकों के साथ उनकी बातचीत ने कार्यक्रम की शुरुआत को बेहद खास बना दिया। इसी दौरान श्रीजी लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और बेस्टसेलिंग लेखक अक्षत गुप्ता के बीच एक रोचक बातचीत हुई। जिसमें उन्होंने परंपराओं,नेतृत्व और कहानी कहने की कला पर अपने विचार साझा किए और बताया कि मूल्यों से जुड़े रहना क्यों ज़रूरी है।

पहले दिन का सबसे आकर्षक हिस्सा था सुरों का उत्सव जयपुर का सबसे बड़ा लाइव सूफी कॉन्सर्ट हुआ। प्रसिद्ध गायक जावेद अली की दिल छू लेने वाली प्रस्तुति ने पूरा माहौल मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा उद्यमिता और जीवन सीख पर अंकुर वारिकू का सत्र भी बेहद प्रेरक रहा। वहीं श्रीकांत बोल्ला और शैलेश लोढ़ा के साथ हुई बातचीत ने छात्रों को नए सपने देखने और उन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास दिया। दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण अंकुर वारिकू का सत्र हुआ। जिसमें वे उद्यमिता और जीवन से जुड़ी अहम सीखों पर बात की।

दो दिनों तक चले इस उत्सव में साहित्य, नृत्य, संगीत, कला प्रदर्शन और रचनात्मक वर्कशॉप का शानदार संगम देखने को मिला। उत्सव हाट में आगंतुकों को ब्लू पॉटरी, मड पॉटरी, लक बैंगल्स, फड़ पेंटिंग, उस्ता आर्ट, बगरू ब्लॉक प्रिंटिंग और नाथद्वारा पिचवाई पेंटिंग जैसे पारंपरिक शिल्पों को करीब से जानने और मुफ्त स्टूडेंट वर्कशॉप में हिस्सा लेने का अवसर मिला। वहीं, दिल्‍लू राजस्‍थानी ग्रुप और लंगा फोक सिंगर्स ने अपने लोक संगीत और नृत्य से सबका मन मोह लिया। स्वाद का उत्सव में राजस्थान के असली स्वादों का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। 80 से ज्यादा स्टॉल और 20 हजार से अधिक आगंतुकों की मौजूदगी ने पूरे वातावरण को जीवंत और उत्साह से भर दिया।

स्कूल की चेयरपर्सन देवयानी जैपुरिया ने बताया कि धारव उत्सव राजस्थान की सांस्कृतिक आत्मा का जश्न है। वह चाहते हैं कि बच्चे सीखें और फिर भाग ले। इसके बाद अपनी प्रतिभा सबके सामने रखें। छात्रों की खुशी, उनकी जिज्ञासा और आत्मविश्वास ही इस उत्सव की असली सफलता है। उनकी ऊर्जा ने इस कार्यक्रम को विशेष बनाया, और हमें गर्व है कि हम कक्षाओं से बाहर भी छात्रों को सीखने और बढ़ने का मौका देते हैं।

धारव उत्सव 2025 से प्राप्त पूरी राशि आरजे कॉर्प की सीएसआर पहलों के लिए इस्तेमाल की जाएगी। जिसमें शिक्षा केंद्र और प्रवाह स्किल डेवलपमेंट सेंटर शामिल हैं। इन पहलों ने शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से हजारों वंचित बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here