खोले के हनुमान मंदिर पहाड़ी पर स्थित माँ वैष्णो देवी में अन्नकूट प्रसादी का आयोजन

0
138
Annakut Prasadi organized at Maa Vaishno Devi situated on the Hanuman Temple hill in Khola
Annakut Prasadi organized at Maa Vaishno Devi situated on the Hanuman Temple hill in Khola

जयपुर। श्री खोले के हनुमान जी पहाड़ी पर स्थित माँ वैष्णो देवी मंदिर में वार्षिक अन्नकूट प्रसादी महोत्सव बड़े धार्मिक उत्साह और भक्ति भाव के साथ सम्पन्न हुआ। जहां रविवार की प्रातः काल से ही श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में तांता लगा रहा। भक्तों ने माता रानी के दर्शन कर परिवार के मंगल और सुख-समृद्धि की कामना की।

गंगा जल स्नान और पंचामृत अभिषेक

महोत्सव की शुरुआत सुबह माता जी के गंगा जल स्नान से हुई। इसके पश्चात पुरोहितों द्वारा विधिवत पंचामृत अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद माता रानी को आकर्षक नवीन पोशाक धारण कराई गई, जिससे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक और सौंदर्यपूर्ण वातावरण और भी मनोहर हो उठा।

56 भोग की भव्य झांकी सजाई गई

श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी माँ वैष्णो देवी के 56 भोग की विशेष झांकी। मंदिर को फूलों की मालाओं, रंग-बिरंगे पुष्पों और पारंपरिक सजावट से सजाया गया। भक्तों ने झांकी के दर्शन कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।

अन्नकूट के विविध व्यंजन माताजी को अर्पित

अन्नकूट प्रसादी में बाजरा, मूंग, मोठ, चौला, चावल, कढ़ी, गढ़मढ़ सब्जी, भुज्जे तथा बाजरे के चूरमे का भोग माँ वैष्णो देवी को अर्पित किया गया।

अन्नकूट प्रसादी में परंपरागत राजस्थानी और शाकाहारी व्यंजनों का भोग लगाया गया। इन सभी का भोग माता रानी को अर्पित किया गया और बाद में श्रद्धालुओं को पंगत रूप में वितरित किया गया।

12:15 बजे सम्पन्न हुई महाआरती

दोपहर 12:15 बजे मां वैष्णो देवी की महाआरती विधि-विधान से संपन्न हुई। आरती के समय वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो उठा। आरती के पश्चात हजारों भक्तों को पंगत प्रसादी कराई गई, जो शाम 7 बजे तक निरंतर चलती रही।

भक्ति भाव और उत्साह का अद्भुत वातावरण

पूरे दिन मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, जयकारे और धार्मिक कार्यक्रमों की गूंज सुनाई देती रही। भक्तों ने माता रानी के समक्ष दीप जलाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन समिति के अनुसार, इस बार पिछले वर्षों की तुलना में अधिक संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। अन्नकूट महोत्सव के सफल आयोजन के लिए मंदिर प्रशासन, सेवादारों और भक्तों ने सराहनीय योगदान दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here