जयपुर। मोदी परिवार की ओर से झोटवाड़ा रोड स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर के नर्बदेश्वर हॉल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में पांचवें दिन विख्यात प्रेरक एवं कथा व्यास पंडित विजयशंकर मेहता जी ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं, पूतना वध, माता यशोदा की ममता और जीवन प्रबंधन के गूढ़ सूत्रों का सरल, प्रभावी एवं प्रेरणादायक वर्णन किया। मेहता ने कहा कि परम शक्ति के समक्ष कोई छल नहीं चलता। संसार की बुराइयों से लड़ने के लिए जीवन में ईश्वर को जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि परोपकार से निभाए जाने वाले कर्तव्यों में न बड़ा होता है न छोटा।
माता यशोदा के माध्यम से मातृत्व का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि“जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियाँ क्यों न आ जाएँ, एक मां अपनी संतान को भूखा नहीं रहने देती। मां का आंचल और उसका आलिंगन संतान के लिए अपार शक्ति का स्रोत होता है।”उन्होंने यह भी कहा कि संतान के रहते हुए माता-पिता को दुख उठाना पड़े, इससे बड़ा कोई पाप नहीं हो सकता।
पंडित मेहता ने भगवान कृष्ण द्वारा इंद्र को दी गई चुनौती का उल्लेख कर बताया कि प्रजा की रक्षा हेतु किया गया साहस ही वास्तविक शिष्टाचार है। सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने शुक्रवार को कथा श्रवण किया। मोदी परिवार ने गोपाल शर्मा का अभिनंदन किया।
कथा के छठे दिन शनिवार को भगवान कृष्ण का मथुरा गमन, कंस वध तथा श्रीकृष्ण–उद्धव संवाद जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों की विशद व्याख्या होगी।




















