जयपुर। श्री बाबा जी कुई बलराम आश्रम सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में चल रही श्री हनुमत कथा के त्रयोदशी दिवस पर स्वामी श्री बलराम दास महाराज की 115वीं जयंती महोत्सव के अवसर पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस शुभ अवसर पर बड़े-बड़े संतों का दिव्य आगमन हुआ और श्रद्धालुओं को उनका सानिध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त हुए।
इस विशेष सत्र में बैनाड़ा धाम के महंत रामदयाल दास, महामंडलेश्वर मनोहर दास, काले हनुमान मानसरोवर से सुरेंद्र शर्मा और छोटी चौपड़ रामचंद्र मंदिर के महंत नंदकिशोर शर्मा पधारे। जिनका भक्तों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
कथा व्यास पूज्य आशीष महाराज ने गुरुदेव की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि गुरु कृपा ही मुक्ति का सुलभ मार्ग है। गुरुदेव पृथ्वी पर ठाकुर जी का दूसरा स्वरूप हैंऔर उनका वचन ही मंत्र के समान प्रभावी होता है।”उन्होंने बताया कि हनुमानजी का नाम महावीर इसलिए पड़ा क्योंकि तीनों लोकों में उनसे बड़ा कोई वीर नहीं।
अंत में उपस्थित संतों और भक्तों का स्वागत भगवान सहाय नाटाणी, रामनारायण नाटाणी और अखिलेश नाटाणी द्वारा माला और दुपट्टा पहनाकर किया गया तथा सभी ने मिलकर आरती संपन्न की।




















