जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार की युवा इकाई दिव्य भारत युवा संघ (दिया) राजस्थान की प्रान्तीय वार्षिक बैठक मानसरोवर में किरण पथ स्थित गायत्री वेदना निवारण केन्द्र, में संकल्प दिवस के रूप में आयोजित की गई। पूरे राजस्थान से आए प्रतिनिधियों ने समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए युवाओं को जागृत करने, नशा उन्मूलन एवं सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध वर्षभर रचनात्मक अभियान चलाने का संकल्प लिया। अखिल विश्व गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओम प्रकाश अग्रवाल ने युवाओं द्वारा किए जा रहे रचनात्मक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सभी को साथ लेकर चलना, आत्मीयता और परामर्श से संगठन आगे बढ़ता है।
उन्होंने वर्ष 2026 में युवा जोड़ो अभियान को गति देने तथा प्रदेश के प्रत्येक जिले तक पहुंचने का आह्वान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ केन्द्र के व्यवस्थापक आर. डी. गुप्ता, दिया के वरिष्ठ कार्यकर्ता रमेश छंगाणी ने दीप प्रज्जवलन कर किया। स्वागत भाषण में दिया एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य संदीप त्रिपाठी ने संगठन सुदृढ़ीकरण के लिए स्पष्टता, प्रतिबद्धता और पारिवारिकता के तीन सूत्र दिए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारियों की स्पष्ट समझ और उन पर दृढ़ प्रतिबद्धता किसी भी कार्य की सफलता सुनिश्चित करती है, जबकि पारिवारिकता संगठन की आत्मा है।
दिया राजस्थान के वरिष्ठ कार्यकर्ता रमेश छंगाणी ने पिछले 13 वर्षों की प्रगति साझा करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में साथ न छोडऩे और एक-दूसरे पर विश्वास बनाए रखने से संगठन मजबूत बनता है।
प्रदेशभर से आए जिला प्रभारियों शुभम मालव, वेद प्रकाश, नीरज जांगिड़, चन्द्रशेखर, अमित वशिष्ठ, लोकेश कुमार, आशू सिंह, सुमित बसेर ने अपने-अपने जिलों में हो रहे रचनात्मक कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।
सकारात्मक दिशा में नियोजित हो युवा प्रतिभा:
दिया के प्रान्तीय युवा प्रभारी प्रणय त्रिपाठी ने बताया कि युवाओं की प्रतिभा को सकारात्मक दिशा में नियोजित करने के लिए व्यक्तित्व विकास शिविर, उत्कर्ष समर कैम्प, भारतीय संस्कृति परीक्षा, दिया क्लब स्थापना, नशा एवं सोशल मीडिया दुष्प्रभाव जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चितौडग़ढ़ में चन्द्रशेखर कुमार द्वारा युवा कृषक संगोष्ठी भी आयोजित की जा रही है।
युवा संबंधी चुनौतियां आगे की योजनाएं:
इस अवसर पर प्रो. राजकुमार सतनाकर ने वर्तमान समय की युवा चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए युवा-अभिभावक कार्यशाला, आरोहण युवा शिविर तथा युवाओं के लिए स्कॉलरशिप कार्यक्रम शुरू करने की आवश्यकता बताई।
जैसलमेर से आई मनीषा छंगाणी ने बताया कि वर्ष 2026 में प्रदेशभर में मैं हूं निर्मात्री कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ममता त्रिपाठी, संजना शर्मा और सुषमा शर्मा ने महिलाओं के लिए कौशल विकास शिविर एवं ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए आपकी दिनचर्या—आपका स्वास्थ्य शिविर संचालित करने का संकल्प लिया।




















