जयपुर। मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर (एमयूजे) में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2025 – हार्डवेयर एडिशन का शुभारंभ अत्यंत उत्साह के साथ किया गया। लगातार चौथे वर्ष इस राष्ट्रीय नवाचार महोत्सव की मेजबानी कर एमयूजे ने नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें मुख्य अतिथि कि रूप में ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एवं चीफ स्ट्रैटेजी एंड ऑपरेशंस मीनू सरावगी, , और विशिष्ट अतिथि के रूप में एसआइएच के मीडिया सलाहकार डॉ. पुनीत शर्मा शामिल हुए। इस अवसर पर एमयूजे के कुलपति डॉ. नीति निपुण शर्मा, प्रो प्रेसिडेंट डॉ. करुणाकर ए. कोटेगर, प्रोवोस्ट डॉ. नीतु भटनागर, और कुलसचिव डॉ. अमित सोनी तथा एआईसीटीई के अधिकारी अंकुश गौरी और डीकन डेनी भी उपस्थित रहे।
अपने स्वागत भाषण में डॉ. नीतु भटनागर ने देश भर से आए प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत करते हुए नवाचार-केंद्रित शिक्षा के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। मुख्य वक्तव्य में एआईसीटीई के अंकुश गौरी ने एसआईएच को “नवाचार का उत्सव” बताते हुए कार्यक्रम की विशालता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एमयूजे पाँच दिवसीय हैकाथॉन में 20 फ़ाइनलिस्ट टीमों और 26 मेंटर्स की मेजबानी कर रहा है, जो हार्डवेयर आधारित समाधान विकसित करने में सतत जुटे रहेंगे। प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि नवाचार से राष्ट्र की ताकत बढ़ती है और युवाओं को साहस के साथ नए समाधान लाने चाहिए।
डॉ. नीति निपुण शर्मा ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एआईसीटीई के प्रति आभार व्यक्त किया और प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा, “थकना मत; समस्या सुलझाओ; नवाचारी बनो।”उन्होंने एसआईएच की भावना को समस्या समाधान के उत्सव के रूप में परिभाषित किया ।
मुख्य अतिथि मीनू सरावगी ने एमयूजे के सुंदर कैम्पस और उत्साहपूर्ण नवाचार वातावरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि एसआईएच अकादमिक जगत, सरकार और उद्योग के बीच सेतु का कार्य कर रहा है और हार्डवेयर एडिशन भारत की इंडस्ट्री 4.0 तैयारियों को मजबूत करते हुए भविष्य के तकनीकी रूप से दक्ष कार्यबल को आकार दे रहा है। विशिष्ट अतिथि डॉ. पुनीत शर्मा ने टीमों को बधाई देते हुए कहा कि एसआईएच जैसे राष्ट्रीय प्रयासों ने पूरे देश में पेटेंट फाइलिंग को उत्साहजनक गति दी है। उन्होंने इस आयोजन को युवा नवोन्मेषकों की उद्यमी यात्रा के प्रतीकात्मक “फाउंडेशन डे” के रूप में वर्णित किया।
एआईसीटीई द्वारा आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन उद्घाटन सत्र में चेयरमैन प्रो. टी.जी. सिताराम ने संबोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मार्गदर्शन और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से महिला नवोन्मेषकों की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से “वोकल फॉर लोकल” बनने का आह्वान किया।
एमयूजे में आयोजित समारोह का समापन डॉ. सुरभि शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने अतिथियों, मेंटर्स, प्रतिभागियों, एआईसीटीई प्रतिनिधियों और विश्वविद्यालय नेतृत्व के योगदान के लिए सबका आभार व्यक्त किया।




















