हाईकोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी

0
167
The Rajasthan High Court has received another bomb threat.
The Rajasthan High Court has received another bomb threat.

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट को लगातार तीसरी बार बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस, एटीएस, एसओजी, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चले सघन तलाशी अभियान में मुख्य भवन, रिकॉर्ड रूम और पार्किंग एरिया तक की बारीकी से जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

धमकी के बाद हाईकोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। न्यायिक कर्मियों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों को बाहर निकाल कर सुरक्षा घेरा बना दिया गया। इस दौरान फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस टीमों को भी एहतियातन तैनात किया गया। जांच पूरी होने के बाद परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर अदालतों की कार्यवाही पुनः शुरू कर दी गई।

हाईकोर्ट चौकी प्रभारी सुमेर सिंह ने बताया कि “बम की सूचना के बाद पूरे परिसर की जांच बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने की। सत्यमेव जयते भवन और आसपास के सभी क्षेत्रों को सुरक्षित पाया गया। फिलहाल मामले को होक्स मेल (झूठी धमकी) मानते हुए साइबर सेल को जांच सौंपी गई है।”

चुनाव से पहले बढ़ाई जा रही सुरक्षा

इधर, धमकी के मद्देनजर गुरुवार को होने वाले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की गई है। प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

न्यायिक कार्यवाही में व्यवधान

बार-बार मिल रही धमकियों से न्यायिक कार्यवाही प्रभावित हो रही है। वकीलों का कहना है कि इन घटनाओं के कारण न केवल कार्यों में विलंब होता है बल्कि आम जनता का समय और संसाधन भी प्रभावित होते हैं।

सख्त निगरानी की जरूरत

सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि आम नागरिक किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। प्रशासन अब हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा जांच प्रणाली को और आधुनिक बनाने पर विचार कर रहा है।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर के पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद शर्मा ने कहा कि अब यह गंभीर मुद्दा बन चुका है कि रोजाना कौन धमकी दे रहा है। पता लगाना चाहिए कि इसके पीछे खास मुकदमे की सुनवाई टालना है या रोजाना धमकी देकर प्रशासन को उदासीन कर बाद में बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश है। शर्मा का कहना है कि जांच एजेंसी को चाहिए कि तत्काल पता लगाए कि आखिर धमकी कौन दे रहा है और इसके पीछे मंशा क्या है।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट प्रशासन को 31 अक्टूबर को बम विस्फोट की पहली धमकी मिली। इसके बाद एक माह शांति रही। 5 दिसंबर को दूसरी धमकी मिली। इसके बाद 8 दिसंबर से रोजाना हाईकोर्ट प्रशासन को धमकी भरे मेल मिल रहे हैं। सेशन कोर्ट को भी दो बार बम विस्फोट की धमकी मिल चुकी है। हर बार मेल मिलने के बाद मुकदमों की सुनवाई बीच में बंद कर दी जाती है। कोर्ट परिसर खाली कराया जाता है। इससे भय का माहौल पैदा होता है और मुकदमों की सुनवाई प्रभावित होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here