जयपुर। सर्व समाज के लिए आस्था का केंद्र बन चुका श्री अमरापुर स्थान में सोमवार को पौष सफला एकादशी के पावन पर्व पर संतों के सानिध्य में श्री अमरापुर विद्यार्थियों ने प्रात सवा 4 बजे 45 मिनट तक विष्णु सहस्त्रनाम स्त्रोत महायज्ञ अनुष्ठान किया। महायज्ञ अनुष्ठान में शुद्ध गो घृत, गो काष्ठ का उपयोग किया गया। यज्ञ अनुष्ठान कर रहे विद्यार्थियों का मार्ग दर्शन संत मोनूराम महाराज, संत नवीन, अविनाश, ऋषि, भरत ने किया गया। संतों के मार्ग दर्शन के अनुसार महायज्ञ संपन्न हुआ।
एकादशी के पावन पर्व पर श्री अमरापुर गौशाला में गौमाता को फल, घास, गुड़, आदि खिलाकर गो सेवा की गई। इस अवसर पर श्री अमरापुर दरबार के लाडले लडडू गोपाल जी का विशेष श्रृंगार किया गया। मानसरोवर के माग्यावास स्थित सद्गुरु टेऊँराम गौशाला में गायों को फल, गुड़ आदि खिलाए गए। महायज्ञ के दौरान संत मोनूराम महाराज ने बताया कि सदगुरु टेऊँराम जी की वाणी हिन्दी पाठ्य पुस्तकों में शीघ्र करना चाहिए।
संत महात्माओं ने सदगुरु स्वामी टेऊँराम महाराज द्वारा रचित आध्यात्मिक वाणी का गायन किया किया था। संतो ने कहा:- आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम महाराज की आध्यात्मिक वाणी (दोहे पद, छंद, भजन, कवित, आदि) को शीघ्र ही हिन्दी पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जाए ! उनकी वाणी में भगवान श्री राम कृष्ण की महिमा का गुणगान भी किया गया है।




















