
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय की ओर से गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जीवन मिशन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गणपति ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश कुमार मित्तल, उसके बेटे हेमंत मित्तल (उर्फ गोलू), श्याम ट्यूबवेल के मैनेजर एवं लायजनिंग अधिकारी उमेश कुमार शर्मा, पीएचईडी के पूर्व लेखाधिकारी गोपाल कुमावत और श्याम ट्यूबवेल के मालिक पदमचंद जैन के बेटे पीयूष जैन शामिल हैं। जिन्हे जयपुर शहर के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया।
एसीबी पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि यह मुकदमा 2023 में दर्ज किया गया था। इसमें श्याम ट्यूबवेल कंपनी, उसके मालिक पदमचंद जैन, गणपति ट्यूबवेल कंपनी और उसके मालिक महेश कुमार मित्तल पर पीएचईडी के बहरोड़ अधिशासी अभियंता मायालाल सैनी, नीमराना सहायक अभियंता राकेश चौहान तथा कनिष्ठ अभियंता प्रदीप कुमार से सांठगांठ कर जल जीवन मिशन के टेंडर हासिल करने के आरोप लगे थे। इन आरोपियों पर काम में गंभीर अनियमितताएं बरतने, घटिया सामग्री का उपयोग करने और मनमाने ढंग से मेजरमेंट बुक (एमबी) भरकर करोड़ों रुपये की अवैध प्राप्ति करने का भी आरोप है।
एसीबी के पास आरोपियों की आपसी बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग मौजूद हैं, जो मिलीभगत के सबूत हैं। इस मामले की त्वरित जांच के लिए एसपी महावीर सिंह राणावत की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई थी। जिसमें एएसपी हिमांशु कुलदीप, भूपेंद्र और महावीर प्रसाद शर्मा शामिल हैं। एसआईटी ने तकनीकी सबूतों और ट्रांसक्रिप्ट का गहन विश्लेषण किया। पहले छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की जा चुकी है। शेष फरार आरोपियों में से इन पांच को जयपुर के विभिन्न इलाकों से गिरफ्तार किया गया।
गोविंद गुप्ता ने बताया कि 2023 में आरोपियों को पीएचईडी अधिकारियों से 2.20 लाख रुपये की रिश्वत लेते-देते पकड़ा गया था। डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह और एसपी महावीर सिंह राणावत के निर्देशन में एएसपी भूपेंद्र की टीम ने यह कार्रवाई की। एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में पूछताछ और आगे की जांच जारी है।



















