जयपुर। बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाकर ऑटो में बैठाकर सोने के जेवर लूटने वाली अंतरराज्यीय गुजराती गैंग का विधायकपुरी थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जहां पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना सहित दो वांछित आरोपियों को तिहाड़ जेल दिल्ली से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। इससे पहले गैंग के दो अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर उनसे लूटा गया माल भी बरामद किया जा चुका है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि विधायकपुरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाकर ऑटो में बैठाकर सोने के जेवर लूटने वाली अंतरराज्यीय गुजराती गैंग के शातिर बदमाश रवि भाई और दिलीप भाई को गिरफ्तार किया है और दोनों ही आरोपी दिल्ली रहने वाले है।
यह गिरोह मूलत भावनगर गुजरात से संबंध में रखता है। यह गैंग वर्ष 2022 से जयपुर, दिल्ली और गुरुग्राम में सक्रिय थी। जयपुर के मुरलीपुरा, विधायकपुरी, नारायण सिंह सर्किल सहित अन्य क्षेत्रों में आरोपियों ने करीब आधा दर्जन वारदातों को अंजाम दिया। सोने की कीमतों में तेजी के चलते गैंग बुजुर्ग महिलाओं को आसानी से निशाना बना रही थी। लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
मंदिर दर्शन से लौटती महिलाओं को बनाते थे शिकार
पुलिस के अनुसार 30 जून 2025 को अमरापुरा मंदिर दर्शन कर लौट रही दो बुजुर्ग महिलाओं के साथ अलग-अलग घटनाओं में सोने के कंगन लूटे गए। एक मामले में महिला के करीब 60 ग्राम और दूसरे में 28 ग्राम सोने के कंगन लूट लिए गए। दोनों मामलों में एक ही तरह का तरीका अपनाया गया, जिसके बाद विधायकपुरी थाने में प्रकरण दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग का सरगना गोविंद राजकोटिया लंबे समय से जयपुर में रहकर ऑटो चलाता था और शहर की भौगोलिक जानकारी रखता था। वह गुजरात से अपने रिश्तेदारों व परिचितों को बुलाकर गैंग बनाता था। वारदात से पहले सदस्य मंदिरों, बस स्टैंड और ऑटो स्टैंड के आसपास रेकी करते थे। यह गिरोह बुजुर्ग महिला को गंतव्य तक छोड़ने का भरोसा दिलाकर ऑटो में बैठाया जाता था।
कुछ दूरी पर पहले से तय योजना के तहत साथी ऑटो रुकवाते, टायर की हवा कम होने का बहाना बनाया जाता और धक्का-मुक्की कर कटर से सोने के कंगन काट लिए जाते। इसके बाद महिला को रास्ते में उतारकर आरोपी फरार हो जाते और ऑटो छोड़कर बस या ट्रेन से दिल्ली पहुंच जाते। आरोपित वारदात से पहले गैंग के सदस्य जोगमाता से मन्नत भी मांगते थे।
तिहाड़ जेल से दबोचे गए आरोपी
पूर्व में गिरफ्तार आरोपी गोविन्द राजकोटिया एवं अश्विन मीठापुरा से पूछताछ और सूचनाओं के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि गैंग के वांछित सदस्य तिहाड़ जेल दिल्ली में बंद हैं। इसके बाद विधायकपुरी थाना पुलिस की टीम दिल्ली भेजी गई और दोनों आरोपियों को कस्टडी में लिया गया।
गौरतलब है कि विधायकपुरी थाने में 30 जून 2025 की दो अलग-अलग घटनाओं को लेकर प्रकरण दर्ज किए गए थे। जिनमें बुजुर्ग महिलाओं से करीब 60 ग्राम और 28 ग्राम सोने के कंगन लूटे गए थे।
पुलिस के अनुसार गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों और शेष वारदातों की जांच जारी है। आमजन से अपील की गई है कि बुजुर्ग महिलाओं को अकेले यात्रा करते समय सतर्कता बरतने और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने में सहयोग करें।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरे मामले के खुलासे और गिरफ्तारी में ललित किशोर शर्मा (आरपीएस) अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जयपुर दक्षिण बालाराम (आरपीएस) सहायक पुलिस आयुक्त अशोक नगर,बनवारी लाल पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी विधायकपुरी,हरिसिंह सहायक उपनिरीक्षक,सुरेंद्र कुमार सहायक उपनिरीक्षक,राकेश कुमार कांस्टेबल — विशेष भूमिका,जगदीश कांस्टेबल,राजकुमार कांस्टेबल,आकाश कांस्टेबल और मुकेश कुमार कांस्टेबल की सराहनीय भूमिका रही।




















