
जयपुर। राजस्थान में सरकारी भर्तियों में फर्जीवाड़े के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी)ने वनरक्षक भर्ती-2020 परीक्षा के पेपर लीक मामले में कार्रवाई करते हुए पेपर पढ़ाने वाला लेखाकार सहित वनरक्षक को गिरफ्तार किया है। अब एसओजी की जांच में खुलासा हुआ है कि उदयपुर व बांसवाड़ा के अलावा जयपुर में भी वनरक्षक भर्ती का पेपर लीक हुआ था।
जहां जयपुर में एक लेखाकार ने अपने घर पर वनरक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को लीक पेपर पढ़वाया था। इसके बाद एसओजी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए आरोपी लेखाकार सहित लीक पेपर पढ़कर परीक्षा पास करने और नौकरी हासिल करने वाले वनरक्षक को पकडा है। जांच में सामने आया कि आरोपित दोनों साले-बहनोई है। इन दोनों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने और कई और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि वनरक्षक भर्ती पेपर लीक मामले के पिछले दिनों गिरफ्तार मुख्य आरोपी जबराराम से पूछताछ में सामने आया कि टोडाभीम निवासी लेखाकार अमन जोरवाल ने जयपुर में अपने करतारपुरा स्थित किराए के मकान पर पहली पारी के दो अभ्यर्थियों को लीक पेपर पढ़ाया था। जहां दूसरी पारी के दो अभ्यर्थियों को लालसोट रोड पर पेपर पढ़ाया था। जिनमें एक उसका साला सौरभ कुमार मीणा भी है।
एसओजी की पड़ताल में सामने आया है कि जयपुर विकास प्राधिकरण के लेखाकार अमन ने जबराराम के एक सहयोगी के मार्फत लीक पेपर हासिल किया था। लीक पेपर पढ़ाने के बदले उसने चारों अभ्यर्थियों से 9.50 लाख रुपए लिए। अब एसओजी ने अमन जोरवाल और सौरभ कुमार मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। सौरभ सवाई माधोपुर में गुढ़ा रेंज की बोदल नाका चौकी पर तैनात है। अब एसओजी उन आरोपियों को गिरफ्तार करने में लगी है, जिन्होंने अमन से पेपर पढ़ा था।



















