जयपुर। गुरुद्वारा वैशाली नगर के हजूरी रागी भाई तेजबीर सिंह ने शबद वाहो वाहो गोबिंद सिंह आपे गुरु चेला सुनाया। गुरुद्वारा वैशाली नगर के प्रधान सरदार सर्वजीत सिंह मखीजा जी ने बताया कि सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व पर शनिवार को गुरुद्वारे में श्रद्धा व खुशी के साथ मनाया गया। सुबह अमृत वेले से ही गुरुद्वारे में माथा टेकने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। गुरुद्वारा वैशाली नगर में कीर्तन दीवान सजाए गए।
आसा दी वार के पाठ किए गए। देशभर के रागी जत्थों ने शबद गायन कर संगत को निहाल किया। भाई मनदीप सिंह हजूरी रागी सचखंड दरबार साहिब अमृतसर, भाई मनिंदर सिंह खालसा अमृतसर साहिब वाले, शबद गायन के बाद सिंह साहब सिंह साहब ज्ञानी करणवीर सिंह ने गुरु की महिमा का गुणगान किया। सरबत के भले की अरदास की गई। गुरु का अटूट लंगर बरताया गया।
शबद “तई प्रकाश हमारा भयो, पटना शहर में विखे भव लयो” अपनी मधुर आवाज में सुनाया। हजूरी रागी भाई तेजबीर सिंह ने शबद वाहो वाहो गोबिंद सिंह आपे गुरु चेला का गायन किया।
कथावाचकों ने अपने कथनों से गुरु की जीवनी के बारे में सबको बताया। गुरुद्वारे को रंगीन लाइटों से सजाया गया। रात्रि में गुरुद्वारे के बाहर आतिशबाजी की गई।
गुरुद्वारे में लंगर छकाया गया जिसमें हजारों लोगों गुरु का प्रसाद लिया। गुरुद्वारे में स्टॉल्स लगाकर रात को गाजर का हलवा, गर्म केसर का दूध, जलेबी, सूप, टॉफी, बिस्किट सहित कई प्रकार के प्रसाद वितरित किए गए।



















