डॉ. प्रभुलाल सैनी ने खजूर की विशिष्ट किस्मों को करवाया पेटेंट, देश में राजस्थान के कृषि क्षेत्र को दिलाई नई पहचान: मदन राठौड़

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Dr. Prabhulal Saini has patented specific varieties of dates.
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जयपुर। राजस्थान की खजूर की तीन विशिष्ट किस्मों को भारत सरकार से पेटेंट मिलने पर पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी का भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में भव्य स्वागत-अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने डॉ. सैनी को गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी और उनकी इस उपलब्धि को राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी, मिथिलेश गौतम, प्रदेश मंत्री अपूर्वा सिंह तथा प्रदेश कार्यालय सचिव मुकेश पारीक सहित अनेक प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे और सभी ने डॉ. सैनी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि डॉ. प्रभुलाल सैनी ने अपने निरंतर परिश्रम और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से राजस्थान के कृषि क्षेत्र को नई पहचान दिलाई है। उनकी यह उपलब्धि किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और नवाचार को बढ़ावा देगी। उल्लेखनीय है कि वसुंधरा राजे सरकार में पूर्व कृषि मंत्री रहे डॉ. प्रभुलाल सैनी द्वारा विकसित खजूर की तीन विशिष्ट किस्में — ST-1, ST-2 एवं ST-3 — को भारत सरकार के कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा पेटेंट प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि देश के कृषि इतिहास में अपने आप में पहली और अनूठी मानी जा रही है।

डॉ. सैनी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निरंतर यह कहा जाता रहा है कि “कृषि क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और तकनीक के माध्यम से ही किसानों की आय को बढ़ाया जा सकता है” और यही भावना उनके इस शोध कार्य की प्रेरणा रही है। इन किस्मों के विकास के लिए लगभग 10 वर्षों तक देश के ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिकों द्वारा गहन परीक्षण एवं अनुसंधान किया गया।

पंजीकरण की कानूनी प्रक्रिया 16 सितंबर 2021 को आवेदन प्रस्तुत करने के साथ प्रारंभ हुई थी, जिसमें विभिन्न विशिष्ट लक्षणों और शुद्धता की जांच के बाद अब अंतिम मान्यता प्रदान की गई है। इससे न केवल उनके अनुसंधान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, बल्कि प्रदेश और देश के किसानों को भी नवीन कृषि प्रयोगों के लिए प्रेरणा प्राप्त होगी।

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