जयपुर। चांदपोल बाजार स्थित श्री रामचन्द्र जी में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण का विश्राम हुआ। अंतिम दिन व्यासपीठ से आशीष व्यास शास्त्री ने सुदामा चरित्र, कलियुग वर्णन, नवयोगेश्वर संवाद, भागवत सार, परीक्षित मोक्ष के प्रसंगों का श्रवण कराया।
कथा संयोजक राहुल मालोदिया ने बताया कि कथा का मुख्य उद्देश्य समाज में सनातन संस्कारों का संवर्धन, सकारात्मक ऊर्जा का संचार तथा जन-जन में भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का जागरण करना रहा। पं. श्याम शास्त्री ने कथा की संपूर्ण व्यवस्थाएं संभाली।
छोटी चौपड़ स्थित सीताराम मंदिर से निकली कलश यात्रा के साथ शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण लीला, भक्त प्रहलाद- ध्रुव चरित्र, गोवर्धन लीला सहित अनेक प्रसंगों का वर्णन किया गया। भजन-कीर्तन, आरती एवं हरिनाम संकीर्तन से सम्पूर्ण वातावरण भक्तिरस से ओतप्रोत हो उठा। कथा आयोजन में उषा मालोदिया, विधि मालोदिया, वीरांश एवं शांभवी सहित सेवाभावी टीम का सराहनीय सहयोग रहा।




















