जयपुर में आर्मी-डे परेड पर छह वर्ग किलोमीटर इलाका होगा सील

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A six-square-kilometer area will be sealed off for the Army Day parade in Jaipur.
A six-square-kilometer area will be sealed off for the Army Day parade in Jaipur.

जयपुर। राजधानी जयपुर में स्थित महल रोड पर 15 जनवरी 2026 को होने वाली आर्मी-डे परेड को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। बॉम्बे हॉस्पिटल से अक्षय पात्र तक फैले करीब 6 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पूरी तरह से सील करने की तैयारी की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए इस इलाके में रहने और काम करने वाले पचपन हजार से अधिक लोगों का पुलिस वेरिफिकेशन किया गया है।

इसके लिए 300 पुलिसकर्मियों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। सुरक्षा को तीन स्तरों में विभाजित किया गया है। बाहरी घेरा पुलिस और आरएसी संभालेगी, मध्य घेरा पैरामिलिट्री फोर्स के जिम्मे रहेगा, जबकि सबसे अंदरूनी सुरक्षा की कमान सीधे भारतीय सेना के हाथों में होगी।

पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से आर्मी डे परेड की नियमित रिहर्सल शुरू होगी। इसके मद्देनजर सुरक्षा का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। बाहरी सुरक्षा के लिए आरएसी की दो कंपनियां तैनात की गई हैं। मध्य सुरक्षा घेरा पैरामिलिट्री फोर्स संभालेगी, जबकि अंतिम और सबसे संवेदनशील घेरे की जिम्मेदारी सेना के पास रहेगी। एडिशनल कमिश्नर (कानून व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

पुलिस उपायुक्त जयपुर (पूर्व) संजीव नैन ने बताया कि कॉलोनी विकास समितियों, मॉल प्रबंधन और व्यापार संघों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए गए हैं। रिहर्सल के दौरान क्षेत्र में पतंग उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और पूरा इलाका नो-ड्रोन जोन घोषित किया गया है। नए किराएदारों, घरेलू सहायकों और दुकानों के कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य किया गया है।

इस कार्य की मॉनिटरिंग एडिशनल डीसीपी आलोक सिंघल द्वारा किया जा रहा है। वहीं एसीपी सांगानेर हरिशंकर शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीमें रोजाना फ्लैग मार्च निकाल कर माइक के जरिए लोगों को सुरक्षा नियमों के पालन और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

बिल्डिंग्स से कमांडो रखेंगे नजर

परेड रूट के आसपास स्थित सभी ऊंची इमारतों को विशेष निगरानी में रखा गया है। इन इमारतों पर लाल झंडे लगाकर मार्किंग की जाएगी। साथ ही छतों पर सेना के कमांडो तैनात रहेंगे। जो दूरबीन और स्नाइपर के माध्यम से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेंगे।

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