जयपुर। चित्रकूट थाना इलाके में एक युवक को परिचित के नाम से गोल्ड लेना भारी पड़ गया। पीड़ित ने आरोपी परिचित के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से पैसे डाले और शातिर परिचित ने उन लाखों रुपयों को अपने दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए। यूपीआई और एटीम के जरिए नकदी निकलने के बाद पीड़ित को खुद के साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास होने पर पुलिस ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी परिचित के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
पुलिस ने बताया कि जमवारामगढ़ निवासी हेमराज गुर्जर (34) ने मामला दर्ज कराया है कि कुछ समय पहले उसकी मुलाकात आरोपी प्रेम चंद्र से हुई थी। लगातार मुलाकात होने के बाद दोनो अच्छे दोस्त बन गए। पीड़ित का आरोप है कि गोल्ड लोन चुकाने के लिए उसने प्रेम चंद्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते में 14 लाख 65 हजार रुपए आरटीजीएस के जरिए जमा करवाए। बैंक अकाउंट में रुपए ट्रांसफर होने के बाद चकमा देकर फरार हो गया।
पीड़ित ने कई बार आरोपी के मोबाइल फोन पर कॉल किया । लेकिन लगातार मोबाइल फोन बंद मिला। दिए गए रुपयों में से आरोपी ने 5 लाख रुपए अपने दूसरे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए। जिन्हें UPI और एटीएम के जरिए निकलने का पता चला। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरु कर दी है।




















