ज्योतिषीय दृष्टि से वर्ष -2026 शिक्षा के आधार पर अत्यंत शुभ

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जयपुर। नव वर्ष 2026 ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी सिद्ध होने जा रहा है। वर्ष 2026 का अंक योग (2+0+2+6 = 10 मूलांक 1) सूर्य का प्रतीक है। ज्योतिष में सूर्य को राजा, सत्ता, आत्मबल, ऊर्जा और नेतृत्व का कारक माना गया है। इसी कारण नव वर्ष 2026 में सूर्य ग्रह का प्रभाव संपूर्ण विश्व पर विशेष रूप से रहेगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. महेन्द्र मिश्रा ने बताया कि यह वर्ष अमेरिका, चीन और रूस जैसी वैश्विक महाशक्तियों को गहराई से प्रभावित करेगा।

विशेषकर अमेरिका के लिए वर्ष 2026 अशांति, प्राकृतिक आपदाओं, उग्र आंदोलनों और सत्ता संकट का संकेत देता है। भारत के शत्रु राष्ट्र पाकिस्तान के लिए भी नव वर्ष 2026 अत्यंत अशुभ रहने की संभावना है। देश में गृह युद्ध जैसे हालात, आतंकवादी हमले, बम विस्फोट, उग्र प्रदर्शन और सत्ता परिवर्तन की स्थितियां बन सकती हैं। यह वर्ष आतंकवादियों, अपराधियों और राष्ट्रविरोधी तत्वों के लिए भी प्रतिकूल सिद्ध होगा।
सूर्य के प्रभाव से पड़ेगी भीषण गर्मी

सूर्य के प्रभाव के कारण वैश्विक स्तर पर भीषण गर्मी, अग्निकांड, आंधी-तूफान, भूकंप, हवाई दुर्घटनाएं और ड्रोन हमलों की घटनाएं बढ़ सकती हैं। वहीं भ्रष्टाचार, मिलावटखोरी और मेडिकल माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई देखने को मिलेगी। आयुर्वेद, योग, प्राणायाम और सूर्य नमस्कार को शिक्षा संस्थानों में विशेष महत्व मिलेगा।

नव वर्ष 2026 में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांति आने के प्रबल योग हैं। हाईटेक और बेहद छोटे आकार के सोलर पैनल, सौर ऊर्जा से चलने वाले वाहन और नई तकनीकें तेजी से विकसित होंगी। यह वर्ष पर्यावरण और स्वच्छ ऊर्जा के लिए अत्यंत शुभ रहेगा।

विद्यार्थियों का भला करेंगे गुरु

गुरुवार से नव वर्ष का आरंभ होने के कारण सूर्य के साथ गुरु का विशेष योग बन रहा है। इसके फलस्वरूप धार्मिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों और सरकारी स्कूलों के विकास एवं जीर्णोद्धार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष विशेष रूप से शुभ और प्रगति देने वाला रहेगा। हालांकि तीर्थ एवं ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों पर अत्यधिक भीड़ के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहेगी।

आर्थिक दृष्टि से यह वर्ष भारत के लिए अत्यंत सकारात्मक है। देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। रुपए की कीमत बढ़ेगी तथा सोना, चांदी और तांबा जैसी धातुओं के दामों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है।

केन्द्र के लिए अच्छा साल

2026 गुरु और मंगल का वर्ष रहेगा। इसमें सेनापति ग्रह गुरु की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इस दौरान सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और विपक्ष के हमले भी तेज रहेंगे। साल 2026 केन्द्र सरकार के लिए अनुकूल रहने वाला है। हालांकि राजनीतिक स्तर पर कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जून के बाद भारत की स्थिति और मजबूत होगी और विश्व मंच पर देश का प्रभाव बढ़ेगा। 1 जून को देवगुरु बृहस्पति उच्च अवस्था में प्रवेश करेंगे, जिससे विशेष रूप से पांच क्षेत्रों में शुभ फल मिलेंगे। इससे सरकार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। गुरु को धन, संतान, करियर और भाग्य उन्नति का कारक माना जाता है, इसलिए इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति के योग बन रहे है।

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