प्रयागराज। पौष पूर्णिमा के पावन पर्व पर शुक्रवार से विश्व प्रसिद्ध माघ मेला का शुभारंभ हो गया। तड़के ब्रह्ममुहूर्त से ही त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कड़ाके की ठंड के बावजूद लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाई। पहले स्नान पर्व पर हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के उद्घोष से संगम तट गूंज उठा।
माघ मेले के साथ ही कल्पवास की परंपरा भी शुरू हो गई है। देशभर से आए साधु-संत, कल्पवासी और श्रद्धालु एक माह तक संगम तट पर रहकर संयम, तप और साधना करेंगे। प्रशासन के अनुसार पहले ही दिन लाखों श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान है।
मेले को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। संगम क्षेत्र में भारी पुलिस बल, एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें तैनात की गई हैं। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा और प्रकाश व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थायी टेंट सिटी, घाट, स्नान मार्ग और सूचना केंद्र बनाए गए हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित स्नान घाटों का ही उपयोग करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। माघ मेला आगामी महाशिवरात्रि तक चलेगा, जिसमें मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी और माघी पूर्णिमा जैसे प्रमुख स्नान पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाए जाएंगे।



















