आईफोन की रिश्वत लेते पकड़ा गया जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का अधीक्षण अभियंता

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A Superintending Engineer of the Public Health Engineering Department was caught accepting a bribe of an iPhone.
A Superintending Engineer of the Public Health Engineering Department was caught accepting a bribe of an iPhone.

जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) में रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए झालावाड़ के अधीक्षण अभियंता (एसई) विष्णु चंद गोयल को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने परिवादी से बकाया बिल पास करने और परेशान न करने की एवज में 84 हजार रुपए कीमत का आईफोन एक्सआर मोबाइल रिश्वत के रूप में लिया।

एसीबी पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि झालावाड़ टीम को 5 जनवरी 2026 को एक ठेकेदार ने शिकायत दी थी। परिवादी ने बताया कि वह पीएचईडी खंड झालावाड़ में हैंडपंप रिपेयर,पाइपलाइन लीकेज सुधार और लैंड संपर्क से जुड़े कार्य कर रहा है। पूर्व में रजिस्ट्रेशन के नाम पर उससे 25 हजार रुपए वसूले जा चुके हैं। इसके बाद उसे व उसके पार्टनर को बार-बार परेशान कर काम से हटाने और डिबार करने की धमकियां दी जा रही थीं।

बिल पास करने की एवज में मांगा महंगा मोबाइल

परिवादी के अनुसार अगस्त माह से उससे आईफोन मोबाइल की मांग की जा रही थी। लेबर बिल को फर्जी बताकर भुगतान रोक दिया गया और त्योहारों पर ‘कुछ नहीं देने’ की बात कहकर दबाव बनाया गया। इस पर जब परिवादी अधीक्षण अभियंता विष्णु चंद गोयल से मिला तो उन्होंने बकाया बिल पास करने और भविष्य में परेशान न करने की एवज में आईफोन 16 प्रो मोबाइल की मांग की, जिसकी कीमत करीब 1.30 से 1.50 लाख रुपए बताई गई।

गोपनीय सत्यापन के बाद बिछाया ट्रैप

शिकायत के आधार पर 7 जनवरी 2026 को रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन कराया गया, जिसमें मोबाइल फोन की रिश्वत मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद 9 जनवरी को एसीबी कोटा रेंज के उप महानिरीक्षक आनंद शर्मा के सुपरविजन और एसीबी झालावाड़ चौकी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रेरणा शेखावत के निर्देशन में ट्रैप कार्रवाई की गई।

रंगे हाथों गिरफ्तारी

ट्रैप के दौरान पुलिस निरीक्षक साजिद खान के नेतृत्व में टीम ने आरोपी अधीक्षण अभियंता (एसई) विष्णु चंद गोयल को परिवादी से आईफोन एक्सआर मोबाइल लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मोबाइल का बिल आरोपी के कहने पर उसी के नाम से बनवाया गया था। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ और उसके आवास की तलाशी की कार्रवाई जारी है।

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