जयपुर। 63 वर्षीय मरीज गीता देवी ने पेट में गंभीर समस्या के चलते मणिपाल हॉस्पिटल की ओपीडी में परामर्श लिया। मरीज का 15 वर्ष पूर्व पेट के ट्यूमर का ऑपरेशन हो चुका था, जिसके बाद अब पुनः पेट में एक बड़ा ट्यूमर विकसित हो गया था। कई अस्पताल और डॉक्टर्स को दिखने के बाद मरीज डॉ मोनिका गुप्ता, जी आई सर्जन – मणिपाल हॉस्पिटल के पास पहुंची थी
मरीज अपने साथ पुराणी जांचो की रिपोर्ट भी लेकर आई थीं। जाँच रिपोर्ट्स में ट्यूमर को बेनाइन बताया गया था, हालांकि लिपोसारकोमा (कैंसर की संभावना) से इनकार नहीं किया जा सकता था। डॉ मोनिका ने मरीज की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए सभी सम्भावना से अवगत करवाया और मरीज को इस बड़ी और जटिल सर्जरी के बारे में विस्तार से समझाया, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर मल्टी-ऑर्गन रीसैक्शन भी किया जा सकता था।
एनेस्थीसिया फिटनेस के बाद मरीज की मेजर सर्जरी की गई, जिसमें एक विशाल लिपोसारकोमा ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला गया। यह ट्यूमर इलियोसीकल जंक्शन से चिपका हुआ था और पेट की सभी आँतों को बाईं ऊपरी दिशा की ओर धकेल रहा था। ट्यूमर को मूत्राशय, इलियक रक्त वाहिकाओं, प्सोआस मसल, सुपीरियर मेसेंट्रिक आर्टरी , दोनों किडनी और केंद्रीय पेट के पूरे रेट्रोपेरिटोनियम से सावधानीपूर्वक अलग किया गया।
सर्जरी के बाद ट्यूमर का वजन लगभग 5 किलोग्राम पाया गया और आकार 25 × 30 सेंटीमीटर था ऑपरेशन के दौरान मरीज को 1 यूनिट रक्त चढ़ाया गया। इस जटिल सर्जरी में यूरोलॉजिस्ट डॉ. डी. आर. धवन द्वारा यूरेटेरिक स्टेंटिंग में महत्वपूर्ण सहयोग दिया गया साथ ही डाॅ सोमेश ने सर्जरी मे सहयोग किया मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है फिलहाल मरीज के स्वस्थ्य में सर्जरी के बाद तेजी से सुधर हो रहा हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर के डायरेक्टर श्री रंजन ठाकुर ने इस जटिल सर्जरी की सफलता पर पूरी मेडिकल टीम को बधाई दी और कहा कि मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर अनुभवी चिकित्सकों, आधुनिक तकनीक और टीमवर्क के माध्यम से मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।



















