चावल के कट्टों के नीचे दबी मिली 1.5 करोड़ की अवैध शराब

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Illegal liquor worth Rs 1.5 crore was found hidden under sacks of rice.
Illegal liquor worth Rs 1.5 crore was found hidden under sacks of rice.

जयपुर। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स राजस्थान (एजीटीएफ) ने राजस्थान में अवैध शराब के अंतर्राज्यीय सिंडिकेट पर पुलिस ने बड़ी चोट की है। एडीजी एजीटीएफ दिनेश एमएन के निर्देशन और एसपी ज्ञान चंद यादव व एएसपी सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन में पुलिस ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर नाकेबंदी कर अवैध शराब से भरा एक ट्रक पकड़ा है। जब्त की गई शराब की कीमत बाजार में करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

खुफिया इनपुट और एक्सप्रेस-वे पर घेराबंदी

एडीजी एमएन ने बताया कि इस बड़ी कार्रवाई की नींव उदयपुर डीएसटी के हेड कांस्टेबल करतार सिंह की सटीक सूचना पर रखी गई। सूचना मिलते ही एजीटीएफ टीम ने दौसा जिले में स्थानीय सदर थाना पुलिस मय डीएसटी को साथ लेकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर जाल बिछाया। रात के अंधेरे में जब संदिग्ध ट्रक आता दिखा तो पुलिस टीम ने उसे रुकवा लिया। वर्दीधारी पुलिस को देख चालक घबरा गया और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।

चावल की आड़ में पंजाब की शराब की हाईटेक तरीके से तस्करी

तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए ट्रक में 415 चावल के कट्टे भर रखे थे। जब ट्रक की गहन तलाशी ली गई, तो इन कट्टों के पीछे पंजाब निर्मित अंग्रेजी शराब का जखीरा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से रॉयल चैलेंज के 574 कार्टन (पव्वे व बोतल), मैकडॉवेल्स No.1 के 200 कार्टन (पव्वे व बोतल), रॉयल स्टैग के 297 कार्टन (बोतल) सहित कुल मिलाकर 1071 कार्टन अवैध शराब जब्त की गई, जिस पर फॉर सेल इन पंजाब लिखा हुआ था।

हरियाणा से गुजरात जा रही थी खेप, बाड़मेर का चालक गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से ट्रक चालक दिनेश भाम्भू पुत्र रामचन्द्र (22) निवासी सांजटा थाना सदर बाड़मेर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 60 हजार रुपये नकद और तस्करी में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह यह शराब हरियाणा के सिरसा (भावदीन टोल) से भरकर गुजरात ले जा रहा था। तस्कर व्हाट्सएप के जरिए अपने आकाओं के संपर्क में था।

इन अधिकारियों की रही मुख्य भूमिका

उदयपुर डीएसटी के हेड कांस्टेबल करतार सिंह की सटीक सूचना पर की गई कार्रवाई में कांस्टेबल रविंद्र सिंह व जितेंद्र कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व इंस्पेक्टर सुभाष सिंह ने किया, जबकि टीम में हेड कांस्टेबल महेश सोमरा, महावीर सिंह, मनोज कुमार तथा चालक सुरेश मीणा सक्रिय रूप से शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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