जयपुर। माघ माह की पुण्य बेला में स्टेशन रोड स्थित श्री गंगा माता मंदिर में चल रही है श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक आशीष व्यास ने रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया। इस मौके पर भक्तों की ओर से भगवान कृष्ण की बारात निकाली गई। श्रद्धालु झूमते गाते भजन करते हुए बारात में सम्मिलित हुए। भगवान कृष्ण और रुक्मणी की वरमाला का आयोजन हुआ।
व्यास पीठ से आशीष महाराज ने कृष्ण रुक्मणी विवाह के प्रसंग में बताया कि जो भक्त कृष्ण रुक्मणी विवाह का मन लगाकर उसका श्रवण करते हैं उनके दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है, मधुरता आती है, साथ ही व्यक्ति को भगवत प्राप्ति होती है, कुंवारी कन्याओं को अच्छे वर की प्राप्ति होती है । कथा में कृष्ण रुक्मणी की झांकी का मंचन हुआ ।श्रद्धालुओं ने विवाह उत्सव पर बधाई गान भक्ति नृत्य कर के का ठाकुर जी के समक्ष अपनी हाजिरी लगाई।




















