जयपुर। डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीसीआई) ने एपीएल अपोलो फाउंडेशन के सहयोग से, शारीरिक रूप से दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए एक व्यापक क्रिकेट-आधारित सशक्तिकरण पहल प्रोजेक्ट सामर्थ्य के सफल समापन की घोषणा की। यह चार माह का आवासीय कार्यक्रम 1 सितंबर से 31 दिसंबर, 2025 तक जयपुरिया क्रिकेट अकादमी, जयपुर में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से चयनित 25 प्रतिभाशाली शारीरिक रूप से दिव्यांग क्रिकेटरों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण वातावरण प्रदान किया गया।
प्रोजेक्ट सामर्थ्य की परिकल्पना उन खिलाड़ियों के लिए कच्ची प्रतिभा और पेशेवर अवसर के बीच की खाई को पाटने के उद्देश्य से की गई, जो शारीरिक दिव्यांगता के कारण अक्सर प्रणालीगत और आधारभूत ढांचागत चुनौतियों का सामना करते हैं। डीसीसीआई ने खिलाड़ी पहचान, प्रशिक्षण संरचना, दैनिक संचालन, मेंटरशिप और एक्सपोज़र अवसरों सहित कार्यक्रम के एंड-टू-एंड निष्पादन का नेतृत्व किया, जबकि एपीएल अपोलो फाउंडेशन ने खेल के माध्यम से सशक्तिकरण के अपने सीएसआर दायित्व के तहत इस पहल का समर्थन किया।
कार्यक्रम को चरणबद्ध रूप में संचालित किया गया—शुरुआत में ऑनलाइन लर्निंग मॉड्यूल्स के माध्यम से क्रिकेट नियम, डिजिटल साक्षरता, यूपीआई उपयोग और स्कोरिंग ऐप्स की जानकारी दी गई, इसके बाद जयपुर कैंप में ऑन-ग्राउंड कोचिंग कराई गई।
सभी 25 लाभार्थियों को पूर्ण व्यक्तिगत क्रिकेट किट प्रदान की गई, जिसमें बैट, पैड्स, ग्लव्स, हेलमेट, जर्सी और आवश्यक एक्सेसरीज़ शामिल थीं—ताकि वे पेशेवर स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
खिलाड़ियों को खेल-विशेष फिजियोथेरेपी का लाभ मिला, जो चोट-निवारण और प्रदर्शन वृद्धि पर केंद्रित थी, साथ ही आत्मविश्वास, एकाग्रता और प्रतिस्पर्धात्मक दृढ़ता बढ़ाने के लिए साप्ताहिक मानसिक स्वास्थ्य एवं काउंसलिंग सत्र आयोजित किए गए।
डीसीसीआई के एक प्रतिनिधि ने कहा कि प्रोजेक्ट सामर्थ्य केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है—यह गरिमा, अवसर और प्रतिनिधित्व की बात करता है। ऑन-ग्राउंड साझेदार के रूप में डीसीसीआई को गर्व है कि हमने न सिर्फ खिलाड़ियों को, बल्कि भविष्य के ऐसे नेताओं को भी संवारा है जो भारत भर में समावेशी क्रिकेट को प्रेरित करेंगे।




















