जयपुर। सीकर रोड स्थित नींदड़ में चल रही तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज की 1412वीं 10 दिवसीय श्रीराम कथा के छठे दिन संपूर्ण वातावरण जय श्रीराम के नारों से भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर महाराज ने सुंदरकांड के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि सुंदरकांड हनुमान जी का सुंदर चरित्र है, जिसमें कुल 60 दोहे हैं, जिनमें 32 प्रत्यक्ष और 28 परोक्ष रूप से भाव प्रकट करते हैं।
महाराज ने बताया कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने पांच-पांच दोहों में भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन भी कराए हैं। हनुमान-विभीषण संवाद का उल्लेख करते हुए महाराज ने कहा कि हनुमान जी ने विभीषण से कहा कि हम दोनों अधूरे हैं, तुम्हारे पास माता सीता हैं और मेरे पास प्रभु श्रीराम, इसलिए हम एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं।
अशोक वाटिका प्रसंग में सीता माता के आदर्श चरित्र का वर्णन करते हुए महाराज ने कहा कि सीता ने रावण से कहा कि मैं भारतीय नारी हूं, पराए पुरुष की ओर देखना भी पाप समझती हूं। आयोजन समिति के अनिल संत ने बताया कि हरमाड़ा घाटी स्थित 1008 कुण्डीय हनुमंत महायज्ञ एवं श्रीराम कथा पंडाल में प्रातः 11 बजे से 1 बजे तक ग्यारह हजार जोड़ों ने एक साथ 2500 सामूहिक सुंदरकांड पाठ किया, जिसकी शुरुआत “जामवंत के बचन सुहाए, सुनि हनुमंत हृदय अति भाए…” से हुई और जैसे ही “सकल सुमंगल दायक रघुनायक गुन गान…” का सामूहिक उच्चारण हुआ, पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
भक्तों को ऐसा अनुभव हो रहा था मानो नींदड़ में ही अयोध्या का साक्षात स्वरूप साकार हो गया हो। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता शर्मा, पुत्र अभिषेक शर्मा एवं हाथोज धाम के पीठाधीश्वर बालमुकुंद आचार्य महाराज ने भी कथा का श्रवण किया।
आयोजन समिति ने बताया कि आज 14 जनवरी मकर संक्रांति के अवसर पर महाराज के 77वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में प्रातः 10:30 बजे एक हजार किलो देसी घी एवं पंचमेवा से निर्मित लड्डू रूपी केक का वितरण किया जाएगा, साथ ही बैंड-बाजों के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी जो यज्ञशाला की परिक्रमा करेगी। जन्मोत्सव के कार्यक्रमों के साथ भव्य पतंगोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा।




















