जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) का दूसरा दिन शुक्रवार को शानदार और यादगार रहा। महोत्सव में पहुंचे आयरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री लिओ एरिक वारदकर इस आयोजन से खासे प्रभावित नजर आए। उन्होंने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की सराहना करते हुए कहा कि इसकी भव्यता और जीवंतता ने उन्हें अभिभूत कर दिया है। इसी क्रम में उन्होंने घोषणा की कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन अब आयरलैंड में भी किया जाएगा, जो आगामी 22 मई 2026 से शुरू होगा।
लिओ एरिक वारदकर ने कहा कि वे पहली बार जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आए हैं और यह अनुभव उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा, “यह आयोजन बेहद खूबसूरत और शानदार है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ साहित्यिक सत्रों में भाग लेते और सवाल पूछते और चर्चा करते देखना अद्भुत अनुभव है। उन्होंने कहा कि आयरलैंड में ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा। यह देखकर वह बेहद प्रभावित है।
उन्होंने भारत और आयरलैंड के बीच संपर्क को लेकर कहा कि फिलहाल दोनों देशों के बीच सीधी विमान सेवा उपलब्ध नहीं है,लेकिन भविष्य में इस दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही भारत और आयरलैंड के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू हो सकती है, जिससे आपसी संपर्क और मजबूत होगा।
ईरान में मौजूदा हालात पर प्रतिक्रिया देते हुए लिओ एरिक वारदकर ने कहा कि वे ईरान के लोगों के अधिकारों के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के नागरिकों को गलत सरकार का विरोध करने का पूरा अधिकार है। भारत और आयरलैंड दोनों लोकतांत्रिक देश हैं, जहां जनता को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार है और लोकतांत्रिक मूल्यों के तहत ईरानी जनता के संघर्ष का समर्थन किया जाना चाहिए।
भारत और भारतीय समाज की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और उसके लोग बेहद सुंदर और मेहनती हैं। आयरलैंड में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और प्रवासी रहते हैं, जो वहां की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने अपने निजी जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी मां आयरिश हैं और पिता महाराष्ट्र, भारत से हैं, जिससे उन्हें दोनों संस्कृतियों को करीब से समझने और अनुभव करने का अवसर मिला।



















