
जयपुर। दक्षिण एशिया की प्रमुख प्रकाशन सभा ब्लूवन इंक प्रस्तुत जयपुर बुकमार्क 2026 का दूसरा दिन शुक्रवार को समृद्ध और ज्ञानवर्धक रहा। जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित इस कार्यक्रम ने भारत और वैश्विक प्रकाशन परिदृश्य में हो रहे बदलावों, पुस्तकों की बिक्री और पाठक समुदायों की नई संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। यह आयोजन 19वें जयपुर साहित्य महोत्सव के साथ समांतर चल रहा है और वैश्विक प्रकाशन समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है।
दूसरे दिन की शुरुआत प्रकाशन उद्योग में रुझान पहचानना सत्र से हुई, जिसमें एम्मा हाउस और समीर पाटिल ने मेरु गोखले के साथ बातचीत की। सत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शोध और लेखन में बढ़ते उपयोग, डिजिटल परिवर्तन, इलेक्ट्रॉनिक पुस्तकें और श्रव्य पुस्तकें पर चर्चा हुई। अमर चित्र कथा के अनुभव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की समीक्षा के साथ यह सत्र प्रकाशन उद्योग की आर्थिक चुनौतियों और तकनीकी बदलावों के दौर में नए अवसरों पर भी केंद्रित रहा।
इसके अलावा साहित्य के नए खोज दीप सत्र में अंजुम शर्मा, अनुराग मिनस वर्मा और आरती जैन ने जय प्रकाश पांडे के साथ हिंदी पॉडकास्ट की बढ़ती लोकप्रियता और डिजिटल मीडिया में उनके योगदान पर चर्चा की। पॉडकास्ट को एक सुलभ और अंतरंग माध्यम के रूप में मानते हुए, पैनल ने युवा रचनाकारों और स्थानीय कलाकारों की भागीदारी को भी रेखांकित किया। साथ ही भारतीय प्रकाशन के उभरते बाजार सत्र में भारतीय पुस्तकों के अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश, भाषा और अनुवाद की चुनौतियों पर चर्चा हुई। पैनल ने अनुवाद को रचनात्मक प्रक्रिया के रूप में स्वीकारते हुए उसकी साहित्यिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया।
वहीं गुलाबी शहर की झलक का पहला संस्करण लॉन्च भी हुआ। उन्होंने बच्चों के लिए सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और इंटरैक्टिव पुस्तक बनाने की अपनी यात्रा साझा की। साथ ही पुस्तकालय की कहानियाँ सत्र में पुरानी और प्रतिष्ठित पुस्तकालयों की सांस्कृतिक भूमिका और उनके जीवंत रहने के कारणों पर चर्चा हुई।



















