मौनी अमावस्या पर गोविंद देवजी मंदिर में पितृ शांति अभिसिंचन व पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ

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A Gayatri Mahayagna was held at the Govind Devji temple on Mauni Amavasya.
A Gayatri Mahayagna was held at the Govind Devji temple on Mauni Amavasya.

जयपुर। मौनी अमावस्या के अवसर पर रविवार को गोविंद देवजी मंदिर में गंगाजल से पितृ शांति अभिसिंचन एवं पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में करीब तीन घंटे तक चला।

महायज्ञ में दिवंगत पितृगणों की शांति के लिए यम गायत्री महामंत्र के साथ विशेष आहुतियां दी गईं। छह पारियों में हुए यज्ञ में 300 से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की, जबकि 5 हजार से अधिक लोगों ने यज्ञ के दर्शन किए। प्रयागराज की त्रिवेणी से लाए गए जल से श्रद्धालुओं का अभिसिंचन किया गया।

इस कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने ठाकुर श्री राधा गोविंद देव जी, वेद माता एवं गुरु सत्ता के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन कर की। यज्ञ का संचालन गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी की ओर से गायत्री कचोलिया, हेमंत मिश्रा और अजय भारद्वाज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कराया।

इस दौरान हेमंत मिश्रा ने सूर्य को प्रतिदिन अर्घ्य देने के धार्मिक एवं वैज्ञानिक पक्ष पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त में तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य देने से शरीर का संतुलन बेहतर रहता है। कार्यक्रम के अंतर्गत गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए पुंसवन संस्कार तथा सात्विक आहार से संबंधित अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराए गए।

गायत्री चेतना केंद्र, जनता कॉलोनी की ओर से आयोजित बुक फेयर में आध्यात्मिक, नैतिक और जीवन उपयोगी पुस्तकों को लागत मूल्य पर उपलब्ध कराया गया। श्रद्धालुओं को युग निर्माण सत्संकल्प पत्रक और गायत्री चालीसा ज्ञान प्रसाद के रूप में भेंट की गई।

मौनी अमावस्या के अवसर पर ठाकुर श्री राधा गोविंद देव जी का प्रातः पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद काले रंग की ग्राम जामा पोशाक धारण कराई गई तथा पुष्प और चंदन से श्रृंगार किया गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी की विशेष झांकी के दर्शन किए।

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