जयपुर। विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली बड़ी साजिश जयपुर में नाकाम हो गई। महात्मा गांधी हॉस्पिटल स्थित रेलवे फाटक के पास अज्ञात व्यक्तियों ने महाराजा एक्सप्रेस टूरिस्ट ट्रेन को डिरेल करने के लिए रेलवे ट्रैक पर भारी लोहे की एंगलें रख दीं। हालांकि लोको पायलट की सतर्कता के चलते ट्रेन समय रहते रुक गई, जिससे ट्रेन में सवार विदेशी पर्यटकों सहित सभी की जान बच गई और बड़ा हादसा टल गया। इस संबंध में आरपीएस की ओर से शिवदासपुरा थाने में मामला दर्ज करवाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
आरपीएफ सीनियर डीएससी ओंकार सिंह ने बताया कि महाराजा एक्सप्रेस, जो दिल्ली से आगरा होते हुए सवाई माधोपुर से जयपुर के दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन आ रही थी। जो सांगानेर-शिवदासपुरा स्टेशन के बीच लोहे की एंगलों से टकराने ही वाली थी। लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन रोककर कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम डॉग स्क्वॉयड और स्पेशल फोर्स के साथ मौके पर पहुंची और पटरी से एंगल हटाकर ट्रैक सुरक्षित किया। मौके पर एंगल पर सिमेंट ब्लॉक भी लगे हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक, अगर ट्रेन इससे टकराती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
डीएससी ओंकार सिंह ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिवदासपुरा थाने में जानबूझकर ट्रेन को डिरेल करने की साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि किसी नशेड़ी ने एंगल को ट्रैक पर रखा और दो ब्लॉक तोड़ते समय ट्रेन के आने के कारण छोड़कर भाग गए। मामले की गहन जांच आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की मदद से जारी है। महाराजा एक्सप्रेस में कुल 23 कोच थे, जिसमें 21 विदेशी पर्यटक और कई ट्रेन कर्मचारी सवार थे। ट्रेन को रोकने के कारण ट्रैक पर करीब 35 मिनट तक रुकी रही।




















