जयपुर। कल्पना को कैनवास पर उकेरने तक के सफर में अपनी कला से पहचान बनाने वाले वरिष्ठ कलाकार जगदीश चन्द्र की सोलो आर्ट एग्जिबिशन ‘चित्रांग’ का मंगलवार को समापन हुआ। जवाहर कला केंद्र की सुदर्शन आर्ट गैलरी में आयोजित पांच दिवसीय प्रदर्शनी में 25 बड़े कैनवास पर चित्रित कलाकृत्तियों ने दर्शकों को बेहतरीन अनुभव प्रदान किया है।
इनमें जगदीश चन्द्र द्वारा पिछले 10 सालों में तैयार आर्टपीस को शोकेस किया गया जिनमें काल चक्र, ऐतिहासिक इमारतें, राजसी राज-पाठ की धरोहर, श्रृंगार रस और संवेदनाओं से भरे दृश्यों को कूँची और रंगों से उकेरा गया। जगदीश चन्द्र पिछले 50 सालों से कैनवास पर अपनी कला का जादू बिखेर रहे हैं, सभी कलाकृतियों में उनके अनुभव, यात्राओं की स्मृतियों और कलात्मक समझ की झलक साफ नज़र आयी।
प्रदर्शनी को कला प्रेमियों, विद्यार्थियों, कलाकारों, समीक्षकों और आम दर्शकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। प्रकृति, यात्रा, इतिहास, आध्यात्म और वीरता जैसे विविध विषयों पर आधारित कृतियों ने दर्शकों को न केवल आकर्षित किया, बल्कि ठहरकर देखने और महसूस करने के लिए भी प्रेरित किया।
प्रदर्शनी के दौरान कलाकार से संवाद, अनौपचारिक चर्चाएँ और चित्रों के अर्थों को समझने की प्रक्रिया ने दर्शकों के अनुभव को और समृद्ध बनाया। जगदीश चंद्र की कृतियों में झलकता जीवनानुभव, स्मृतियाँ और आत्मचिंतन दर्शकों के साथ गहरे स्तर पर जुड़ता नजर आया। समापन अवसर पर आयोजकों द्वारा कलाकार, कला समीक्षकों, सहयोगियों और सभी दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिनकी सहभागिता से यह प्रदर्शनी एक सार्थक और स्मरणीय कला यात्रा बन सकी।
बता दें कि गोपालपुरा स्थित चित्रांग द आर्ट स्टूडियो में भी इन प्रदर्शित कलाकृतियों को देखा जा सकता है। जगदीश चंद्र की अन्य रचनाओं एवं नवीन गतिविधियों की जानकारी के लिए उनके इंस्टाग्राम हैंडल पर भी अवलोकन किया जा सकता है।




















