बसंत पंचमी की पूर्व संध्या पर हुआ सामूहिक गायत्री मंत्र जप

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A mass chanting of the Gayatri Mantra took place on the eve of Basant Panchami.
A mass chanting of the Gayatri Mantra took place on the eve of Basant Panchami.

जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार, हरिद्वार के तत्वावधान में बसंत पंचमी महोत्सव शुक्रवार को जयपुर सहित प्रदेशभर के तीनों गायत्री शक्तिपीठों, प्रज्ञा केंद्रों एवं चेतना केंद्रों पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष यह महोत्सव शताब्दी वर्ष को समर्पित है, जिसके अंतर्गत विशेष आध्यात्मिक, संस्कारात्मक एवं सामाजिक चेतना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि बसंत पंचमी की पूर्व संध्या पर सभी केंद्रों पर सबकी सद्बुद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का जप किया गया। प्रदेशभर में आयोजित इस जप अभियान में लगभग पांच लाख गायत्री मंत्रों का उच्चारण हुआ। इस अवसर पर महिलाओं की विशेष भागीदारी रही। जप उपरांत शताब्दी वर्ष को समर्पित दीप यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें अक्षत के माध्यम से विश्व कल्याण की भावना के साथ यज्ञ भगवान को आहुतियां अर्पित की गईं।

बसंत पंचमी के दिन शुक्रवार को सभी प्रज्ञा एवं चेतना केंद्रों पर पंचकुंडीय एवं नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ, देवपूजन, पर्व पूजन, दीक्षा, विद्यारंभ संस्कार सहित विभिन्न संस्कार संपन्न होंगे। विद्या की देवी मां सरस्वती, उनके वाहन मयूर तथा प्रमुख वाद्य यंत्रों का विधिवत पूजन किया जाएगा। शक्तिपीठों एवं केंद्रों को पीले पुष्पों से भव्य रूप से सजाया जाएगा, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक चेतना एवं उल्लास से ओतप्रोत रहेगा।

गायत्री शक्तिपीठ, ब्रह्मपुरी में प्रातः 9 बजे से देवपूजन, नवकुंडीय सामूहिक गायत्री यज्ञ तथा नामकरण, गुरुदीक्षा, पुंसवन, अन्नप्राशन एवं विद्यारंभ जैसे संस्कार संपन्न होंगे। प्रातः 11 बजे से भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी।

मानसरोवर स्थित श्री वेद माता गायत्री वेदना निवारण केंद्र में प्रातः 9 बजे से पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ, 11.30 बजे पूर्णाहुति एवं 12 बजे से भोजन प्रसादी होगी। इसी प्रकार गायत्री चेतना केंद्र, जनता कॉलोनी में प्रातः 7 से 9 बजे तक सामूहिक जप, 9 से 11 बजे तक गायत्री यज्ञ तथा 11 बजे से भोजन प्रसादी का आयोजन होगा। गायत्री शक्तिपीठ वाटिका एवं कालवाड़ में भी महोत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि गायत्री परिवार बसंत पंचमी को संस्थापक युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के आध्यात्मिक जन्मदिवस के रूप में मनाता है। इस अवसर पर तीन शताब्दी समारोह—भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी, अखंड दीपक की शताब्दी तथा पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की तप साधना की शताब्दी—एक साथ मनाए जा रहे हैं। इसका मुख्य आयोजन हरिद्वार स्थित बैरागी दीप पर हो रहा है। जिसमें जयपुर से सैकड़ों गायत्री परिजन सहभागिता कर रहे हैं।

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