
जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार, हरिद्वार के तत्वावधान बसंत पंचमी महोत्सव जयपुर सहित प्रदेशभर के तीनों गायत्री शक्तिपीठों, प्रज्ञा केंद्रों एवं चेतना केंद्रों पर श्रद्धा, भक्ति के साथ मनाया गया । इस वर्ष यह महोत्सव शताब्दी वर्ष को समर्पित है, जिसके अंतर्गत विशेष आध्यात्मिक, संस्कारात्मक एवं सामाजिक चेतना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित हुए।
बसंत पंचमी के दिन शुक्रवार को सभी प्रज्ञा एवं चेतना केंद्रों पर पंचकुंडीय एवं नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ, देवपूजन, पर्व पूजन, दीक्षा, विद्यारंभ संस्कार सहित विभिन्न संस्कार संपन्न हुए । विद्या की देवी मां सरस्वती, उनके वाहन मयूर तथा प्रमुख वाद्य यंत्रों का विधिवत पूजन किया गया । शक्तिपीठों एवं केंद्रों को पीले पुष्पों से भव्य रूप से सजाया गया , जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक चेतना एवं उल्लास से ओतप्रोत रहेगा।
गायत्री शक्तिपीठ, ब्रह्मपुरी में प्रातः 9 बजे से देवपूजन, नवकुंडीय सामूहिक गायत्री यज्ञ तथा नामकरण, गुरुदीक्षा, पुंसवन, अन्नप्राशन एवं विद्यारंभ जैसे संस्कार संपन्न हुए । प्रातः 11 बजे से भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। मानसरोवर स्थित श्री वेद माता गायत्री वेदना निवारण केंद्र में प्रातः 9 बजे से पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ, 11.30 बजे पूर्णाहुति एवं 12 बजे से भोजन प्रसादी का आयोजन हुआ।
इसी प्रकार गायत्री चेतना केंद्र, जनता कॉलोनी में प्रातः 7 से 9 बजे तक सामूहिक जप, 9 से 11 बजे तक गायत्री यज्ञ तथा 11 बजे से भोजन प्रसादी का आयोजन हुआ। गायत्री शक्तिपीठ वाटिका एवं कालवाड़ में भी महोत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया।



















