जयपुर। वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान की ओर से राष्ट्रभक्ति भाव जागरण के उद्देश्य से ‘वंदे मातरम भारत की एक आवाज–150 वर्ष राष्ट्रीय आंदोलन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 1000 से अधिक लोगों ने भाग लिया। प्रदेश सचिव सोमकांत शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जबकि समापन पर वंदे मातरम राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के साथ मैराथन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक प्रशांत कुमार रहे। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, विशिष्ट अतिथि जयपुर सांसद मंजू शर्मा तथा संत सानिध्य परमानंद जी महाराज का रहा।
इस अवसर पर आरएसएस के क्षेत्रीय संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष अमित गोयल, हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान के अध्यक्ष सुभाष बापना, संयुक्त अध्यक्ष दिनेश पितलिया तथा महानगर संयोजक अरविंद शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता प्रशांत कुमार ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि हमें हिंदू के रूप में जन्म मिला और उससे भी बड़ा सौभाग्य यह है कि हम ऐसे विचार से जुड़े हैं जो हमें अपने हिंदू होने पर गर्व करना सिखाता है। उन्होंने भारत के पाँच हजार वर्षों के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि महाभारत युद्ध के माध्यम से धर्म की स्पष्ट परिभाषा स्थापित हुई।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के नायकों लाला लाजपत राय, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह और राजगुरु के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि वंदे मातरम केवल गीत नहीं,बल्कि राष्ट्र मंत्र और संकल्प है।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि वंदे मातरम केवल शब्द नहीं, बल्कि शौर्य, साधना और संकल्प है। यह वही गर्जना है जिसने गुलामी की जंजीरों को हिलाया और क्रांतिकारियों को हँसते-हँसते फांसी पर चढ़ने की शक्ति दी।
जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि वंदे मातरम वह महामंत्र है जिसने अंग्रेजों को देश छोड़ने पर मजबूर किया। आज भी जब वंदे मातरम का उद्घोष होता है, तो वही राष्ट्रभक्ति की ऊर्जा पुनः जीवित हो उठती है।




















