जयपुर। राजस्थान एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की जांच में वर्ष 2022 की शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) भर्ती में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। एसओजी की जांच में खुलासा हुआ है कि दो अभ्यर्थियों ने डमी अभ्यर्थी बैठाकर लिखित परीक्षा पास की और फर्जी व बैक डेट डिग्रियों के आधार पर भर्ती में चयनित हुए। एसओजी ने मामले में दो चयनित अभ्यर्थियों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की है। साथ ही भोपाल स्थित दो निजी विश्वविद्यालयों को भी प्रकरण में आरोपी बनाया गया है।
एसओजी डीआईजी परिस देशमुख के अनुसार एसओजी ने अनिल पाटीदार और रिड़मल राम देवासी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।जहां जांच में सामने आया कि अनिल पाटीदार ने परीक्षा स्वयं नहीं दी और दस्तावेज सत्यापन के दौरान रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय भोपाल की फर्जी बीपीएड डिग्री पेश की। जिसमें कोर्स अवधि को गलत तरीके से दो वर्षीय दर्शाया गया। इस मामले में विश्वविद्यालय को भी आरोपी बनाया गया है।
इसी तरह रिड़मल राम देवासी ने डमी अभ्यर्थी के जरिए परीक्षा पास कर श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस भोपाल से फर्जी डिग्री हासिल की। उसके खिलाफ आईपीसी व राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जबकि संबंधित यूनिवर्सिटी भी जांच के दायरे में है।
एसओजी ने बताया कि पीटीआई भर्ती-2022 में गड़बड़ी को लेकर जांच जारी है। अब तक 67 अभ्यर्थियों की डिग्रियां संदिग्ध पाई गई हैं। जिनमें से 40 अभ्यर्थियों ने आवेदन में एक और सत्यापन में दूसरी यूनिवर्सिटी की डिग्री प्रस्तुत की। हाल ही में यूनिवर्सिटी परिसरों पर छापेमारी कर दस्तावेज व डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं।




















