जयपुर। घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देश पर नगर निगम जयपुर द्वारा दस्तावेज़ निर्माण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मतदाता पहचान पत्र,आधार कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र और मूल निवास प्रमाण-पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
यह शिविर नगर निगम सिविल लाइंस स्थित उपायुक्त कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया। हालांकि जागरूकता और समुचित व्यवस्था के अभाव में कई घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदाय के लोग लाभ से वंचित रह गए। नगर निगम सिविल लाइंस जोन क्षेत्र के बाबा रामदेव नगर (गुर्जर की थड़ी) स्थित घुमंतू, अर्ध-घुमंतू एवं विमुक्त समाज के लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर शिविर स्थल पर रोष का माहौल बन गया।
बाबा रामदेव नगर निवासी एवं बागरी समाज की प्रदेश अध्यक्ष रोडी देवी ने आरोप लगाया कि सूचना मिलने पर वे बुधवार सुबह से ही अपने पूरे परिवार के साथ भूखे-प्यासे शिविर में पहुंचीं, लेकिन पूरा दिन बीत जाने के बावजूद उनके समाज के किसी भी व्यक्ति का कार्य पूरा नहीं हो सका।
उन्होंने बताया कि शिविर में मौजूद अधिकारी उन्हें लगातार कुर्सी से कुर्सी तक घुमाते रहे, लेकिन समाधान नहीं किया गया। इससे समाज के लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला।
वही घुमंतु अर्ध घुमंतु एवं विमुक्त जाति समाज के उत्थान के क्षेत्र में कार्य करने वाली अग्रणी संस्था भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी के अध्यक्ष अनीष कुमार नाडार ने बताया कि इतिहास में पहली बार घुमंतु अर्ध घुमंतु एवं विमुक्त समाज के लिए अलग से कैंप आयोजित कर उनके उत्थान के प्रयास किया जा रहे हैं। कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों के अनुपस्थिति के कारण अव्यवस्था रही। लेकिन जिस तीव्र गति से प्रशासन कार्य कर रहा है।
उसे आने वाले कैंपों में सुधार की उम्मीद है। इधर नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शिविर का उद्देश्य वंचित वर्गों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना और पहचान से जुड़े दस्तावेज तैयार करवाना है। शिविर में संबंधित विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे और आवेदकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के प्रयास किए गए।




















