जयपुर। हाल ही में दिए गए विवादित और भड़काऊ बयानों के विरोध में सर्व किन्नर समाज ने कड़ा एतराज जताया। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिव शंकर सैनी उर्फ तनिषा द्वारा दिए गए बयान न केवल किन्नर समाज की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि हिंदू–मुस्लिम समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास भी हैं।
तनिषा ने कुछ असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर मीडिया व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। जिससे पूरे किन्नर समाज को बदनाम किया जा रहा है। समाज ने “किन्नर जिहाद” जैसे शब्दों के प्रयोग की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की भाषा अस्वीकार्य है और इससे समाज के सम्मान पर आघात पहुंचता है।
सर्व किन्नर समाज ने स्पष्ट किया कि इस तरह की किसी भी सांप्रदायिक या उकसाऊ गतिविधि से उनका कोई संबंध नहीं है। प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि मार्च 2023 में तनिषा द्वारा कराए गए लिंग परिवर्तन से जुड़े दस्तावेज, प्रमाण पत्र, एफिडेविट और वीडियो साक्ष्य मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किए गए। समाज की ओर से मांग की गई कि यदि तनिषा स्वयं को “सनातनी किन्नर” बताता है, तो इसके वैध और ठोस प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं।
समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस प्रकरण को लेकर तनिषा के खिलाफ प्रदेश के अलग-अलग पांच पुलिस थानों में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, इसके बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई न होना चिंता का विषय है।
अंत में सर्व किन्नर समाज ने सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि प्रदेश में शांति, सौहार्द और भाईचारा बना रहे। इस दौरान नूरी बाई बगरू, गोरी रेखा चांदपोल, काजोल बाई (किन्नर अखाड़ा कोटा), सिमरन बाई शाहपुरा, राजकुमारी बाई मेड़ता सिटी, प्रीति बाई सांगानेर, अन्नू बाई चोमू, हिना बाई टोंक, सलोनी बाई अजमेर, हिना बाई करौली, पूनम नायक रतलाम, हलीमा पाटन (झालावाड़), मौसम बाई, विजया बाई, चकोरी बाई जयपुर, मंजू बाई सुमेरपुर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।




















