जयपुर। देहरादून स्थित ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के सभागार में आयोजित ज्योतिष महाकुंभ में वैदिक ज्योतिष के क्षेत्र में ज्योतिषाचार्य डॉ. पंडित पुरुषोत्तम गौड़ को ज्योतिष तपस्वी सम्मान (लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड) से सम्मानित किया गया। उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. कमल घनशाला, परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने यह सम्मान प्रदान किया। ज्योतिष महाकुंभ में देश-विदेश से प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य, संत-महात्मा, विद्वान एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
समारोह में डॉ. गौड़ के 35 वर्ष से अधिक समय से ज्योतिष, अध्यात्म और जन कल्याणकारी कार्य को राष्ट्रव्यापी सराहना मिली। उल्लेखनीय है कि पं. पुरुषोत्तम गौड़ अब तक हजारों जन्म-पत्रिकाओं का सूक्ष्म विश्लेषण कर आम नागरिकों से लेकर उच्च पदस्थ व्यक्तित्वों तक को मार्गदर्शन दे चुके हैं। उन्होंने लंदन, अमेरिका सहित 40 से अधिक देशों में भारतीय वैदिक ज्योतिष की पहचान स्थापित की है। अपने सरल स्वभाव और गहन विद्या के कारण वे देश और विदेश में समान रूप से सम्मानित हैं।
डॉ. गौड़ को पूर्व में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तथा विदेशों में भी अनेक प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। डॉ. गौड़ की विशिष्ट पहचान उनकी असाधारण ज्योतिषीय क्षमता है, जिसके अंतर्गत वे प्रश्नकर्ता से बिना कोई प्रश्न पूछे ही स्वयं पर्चा तैयार कर उसके जीवन की समस्याएं, भविष्य की दिशा और मन की बात तक स्पष्ट कर देते हैं।
उनकी इस अद्भुत विद्या को देखकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अचंभित हुए। उन्होंने मंच से डॉ. गौड़ की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह भारतीय वैदिक ज्योतिष परंपरा की एक दुर्लभ और गौरवशाली उपलब्धि है। धामी ने कहा कि डॉ. गौड़ जैसे विद्वान ज्योतिषाचार्य भारतीय ज्ञान परंपरा के सच्चे संवाहक हैं, जिनकी साधना और अनुभव से समाज को सही दिशा मिलती है।
ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. कमल घनशाला ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और प्राचीन विज्ञान से जोडऩे का सशक्त माध्यम हैं। परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि डॉ. पंडित पुरुषोत्तम गौड़ ने ज्योतिष को केवल भविष्य-कथन नहीं, बल्कि मानव सेवा, आत्मिक उत्थान और नैतिक मूल्यों का माध्यम बनाया है।
उन्होंने कहा कि ज्योतिष तपस्वी सम्मान ऐसे साधकों को दिया जाता है, जिन्होंने जीवनभर निस्वार्थ भाव से समाज और संस्कृति की सेवा की हो। सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. पंडित पुरुषोत्तम गौड़ ने कहा है उत्तराखंड से उनका विशेष भावनात्मक लगाव है। यह भूमि उनके गुरुदेव श्री बाबा हैड़ा ख़ान की तप: स्थली रही है।
अपने संबोधन में आने वाली पीढ़ी के युवाओं और ज्योतिष क्षेत्र से जुड़े सभी साधकों को प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सभी को गायत्री मंत्र का प्रतिदिन अधिकाधिक जप करना चाहिए, अपने कर्म में पूर्ण ईमानदारी रखनी चाहिए तथा अपनी आय का दसवां हिस्सा दान-पुण्य में समर्पित करना चाहिए, तभी गुरु-कृपा और जीवन में स्थायी सफलता प्राप्त होती है।




















