जयपुर। कनिष्ठ अभियंता (जेई) संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 के पेपर लीक होने के बाद निरस्त की गई परीक्षा के पुनः आयोजन में भी गंभीर अनियमितता सामने आई है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच में खुलासा हुआ है कि 12 सितंबर 2021 को आयोजित पुनः कनिष्ठ अभियंता (सिविल) भर्ती परीक्षा-2021 का प्रश्नपत्र भी परीक्षा से पहले ही लीक कर दिया गया था।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि दिसंबर 2020 में आयोजित कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा-2020 का पेपर लीक होने के कारण इसे निरस्त किया गया था। जिस संबंध में सांगानेर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था। उसी मामले की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि निरस्त परीक्षा में सफल अभ्यर्थी पुनः आयोजित परीक्षा में भी संदिग्ध रूप से सफल हुए।
जांच में यह उजागर हुआ कि पुनः आयोजित परीक्षा-2021 में भी संगठित पेपर माफिया सक्रिय था और परीक्षा से पूर्व प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराया गया। इस संबंध में 19 जनवरी 2026 को थाना एसओजी में नया प्रकरण दर्ज किया गया।
एसओजी ने इस मामले में जगदीश विश्नोई निवासी सांचौर जिला जालौर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया। जांच में यह भी सामने आया कि गणपतलाल बिश्नोई निवासी सांचौर जिला जालौर, जो वर्तमान में सार्वजनिक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत है, को अवैध तरीके से परीक्षा उत्तीर्ण कराई गई। वह इस भर्ती में मेरिट क्रमांक 12 पर चयनित हुआ तथा बाद में पदोन्नत भी किया गया।
एसओजी ने बताया कि इससे पहले सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 के प्रश्नपत्र लीक होने के तथ्य भी सामने आ चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भर्ती परीक्षाओं की शुचिता को प्रभावित करने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया गया है। एसओजी द्वारा पूरे नेटवर्क की पहचान, अन्य संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी तथा अवैध रूप से अर्जित लाभ को निरस्त कराने की कार्रवाई जारी है।



















