जयपुर। साधना महोदधि अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में मानसरोवर स्थित हाउसिंग बोर्ड ग्राउंड, वीटी रोड पर चल रहे आठ दिवसीय भगवत जिनेन्द्र महा अर्चना महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ के अंतर्गत रविवार 1 फरवरी को जयपुर में पहली बार विवाह अणुव्रत संस्कार महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
समिति अध्यक्ष सुभाग्यचंद जैन एवं महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि प्रातः 7 बजे से आयोजित इस महोत्सव में 1 से 25 वर्ष तक के वैवाहिक जीवन वाले दंपतियों को आदर्श, संयमित और संस्कारयुक्त वैवाहिक जीवन के सूत्र बताए जाएंगे। पुरुषों को सफेद वस्त्र एवं महिलाओं को केसरिया साड़ी में आना होगा।
सहभागिता के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन पंजीकरण किया जा रहा है।इसी अनुष्ठान के अंतर्गत गुरुवार को श्री श्री 1008 चारित्र शुद्धि महामण्डल विधान में 146 अर्घ्य चढ़ाए गए। प्रतिष्ठाचार्य बा. ब्र. तरुण भैय्या (इंदौर) के निर्देशन में अभिषेक, शांतिधारा एवं नवदेवता पूजन किया गया। इस अवसर पर 5700 श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से विधान पूजा में भाग लिया।
आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि “जीवन में वाणी और व्यवहार में हल्कापन नहीं होना चाहिए। संयम के बिना जीवन पशु तुल्य है।” उपाध्याय पियूष सागर महाराज ने कहा कि जीवन अनुशासन और समयबद्धता से ही सफल बनता है।
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि आचार्य श्री दो दिन के उपवास के बाद भी प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक लगभग 17 घंटे धर्म प्रभावना कर रहे हैं। यह आयोजन 13 वर्षों बाद जयपुर में हो रहा है, जिसमें पहली बार दिगम्बर जैन चतुर्विद संघ का पूर्ण सानिध्य प्राप्त हो रहा है।
अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन अभिषेक, शांतिधारा, विधान पूजा, धर्मसभा, गुरु पूजा, प्रतिक्रमण, आनंद यात्रा एवं महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 31 जनवरी तक चलेगा।




















