जयपुर। राजस्थान में सरहद पार से संचालित जासूसी नेटवर्क में जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र के नेहड़ान गांव से गिरफ्तार किए गए आईएसआई एजेंट झबराराम को राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने शनिवार को जयपुर की अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। सीआईडी इंटेलिजेंस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की टीमें अब आरोपी से गहन पूछताछ करेंगी।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक इंटेलिजेंस प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि झबराराम अपने गांव में ई-मित्र सेंटर का संचालन करता था। इसी दौरान वह सोशल मीडिया के जरिए एक पाकिस्तानी महिला हैंडलर के संपर्क में आया। आरोपी को हनीट्रैप में फंसाकर उसे मोटी रकम का लालच दिया गया और इसके बदले भारतीय सेना से जुड़ी सामरिक व गोपनीय सूचनाएं मांगी गईं।
पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने अपने नाम से जारी सिम कार्ड का ओटीपी पाकिस्तानी हैंडलरों को दे दिया। इस ओटीपी के जरिए भारतीय मोबाइल नंबरों पर वॉट्सऐप अकाउंट डाउनलोड किए गए, जिनका इस्तेमाल जासूसी गतिविधियों और संदेशों के आदान-प्रदान में किया गया।
सीआईडी इंटेलिजेंस की टीम ने आरोपी के मोबाइल की जांच में आईएसआई हैंडलरों के साथ हुई चैट और कई अहम सुराग बरामद किए हैं। इसके अलावा उसके घर से एक लैपटॉप भी जब्त किया गया है, जिसे मोबाइल फोन के साथ फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि झबराराम ने सीमावर्ती इलाकों और सेना की गतिविधियों से जुड़ी गोपनीय तस्वीरें व सूचनाएं पाक एजेंसी को भेजीं।
झबराराम के खिलाफ शासकीय गुप्त बातें अधिनियम, 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इंटेलिजेंस एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस जासूसी नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है तथा आरोपी ने किन माध्यमों से रकम प्राप्त की।



















